* शासकीयकरण की मांग को लेकर पंचायत सचिव कर रहे हैं “काम बंद-कलम बंद” हड़ताल
कोरबा (pnews24) प्रदेशभर के पंचायत सचिव अपनी 1 सूत्रीय शासकीयकरण की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। विगत 16 मार्च से जारी उनका आंदोलन जारी है। जिला मुख्यालय में तानसेन चौक के अलावा ब्लॉक स्तर पर पंचायत सचिव हुंकार भर रहे है। नवरात्रि वह हनुमान जन्मोत्सव पर पंचायत सचिवों ने सरकार की सद्बुद्धि के लिए हवन यज्ञ किए। विरोध की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने मंगलवार को मोटरसाइकिल रैली निकालकर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
प्रदेश ग्राम पंचायत सचिव संघ जिलाध्यक्ष धरम भारद्वाज ने कहा कि ग्राम पंचायत सचिवों के अनिश्चितकालीन हड़ताल अंतर्गत 11 अप्रैल को ब्लॉक मुख्यालय से जिला मुख्यालय तक मोटर साइकिल रैली निकाली जाएगी। छ.ग. प्रदेश पंचायत सचिव संघ के निर्देशानुसार अनिश्चितकालीन हड़ताल के अंतर्गत जनपद पंचायत पाली, कटघोरा, पोड़ी-उपरोड़ा, करतला से जिला मुख्यालय तक मोटरसाइकिल रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम पर ज्ञापन सौंपा जाएगा। ग्राम पंचायत सचिवों के हड़ताल में चले जाने से पंचायत अंतर्गत होने वाले सभी प्रकार के कार्य बंद हो गए है। इसमें गोबर खरीदी कार्य, जन्म मृत्यु पंजीयन, पेंशन भुगतान, राशन कार्ड, निर्माण कार्य एवं अनेक हितग्राही मूलक कार्य बंद हो गए है।
पंचायत सचिवों का कहना है कि दो साल की परीक्षा अवधि के बाद शासकीयकरण करने की बात कही गई थी, लेकिन सरकार वादा कर भूल गई है। अन्य कर्मचारियों को जो लाभ मिल रहे हैं पुरानी पेंशन, क्रमोन्नति, ग्रेच्युटी वह सब उन्हें भी मिलना चाहिए। इसे लेकर कई बार ज्ञापन दिया। वार्ता हुई, लेकिन आश्वासन से आगे बात नहीं बढ़ पाई। प्रदेश में 27 सालों से 10,000 से भी अधिक पंचायत सचिव अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ग्रामीण अंचल में शासन के समस्त योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम लोगों तक पहुंचे इसके लिए जिम्मेदारी पूरी कर हे हैं। इसके बाद भी शासकीयकरण का वादा अभी तक पूरा नहीं किया गया है। जबकि शासन प्रशासन को कई बार संगठन ज्ञापन सौंप चुका है। हमारी एक ही मांग है कि दो वर्ष परीक्षा अवधि पश्चात शासकीयकरण किया जाए। इसी को लेकर हम लोग 16 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। पिछले 27 सालों से हमारी यह मांग चल रही है। मांगे पूरी नहीं होने पर संगठन के निर्णय अनुसार आगे काम किया जाएगा और अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।

