अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकथाम एवं जागरूकता निर्माण हेतु जिला प्रशासन का प्रयास

कोरबा : बाल अधिकारों की सुरक्षा व बाल विवाहों की रोकथाम के लिए कार्य कर रहे 250 से भी अधिक संगठनों के नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सहयोगी संस्था होलिस्टिक एक्शन रिसर्च एंड डेवेलपमेंट (हार्ड) के द्वारा सहभागिता के साथ कोरबा जिले में बाल विवाह निषेध अधिकारी व आशा यूनिट ने सहयोग प्रदान किया है।
संस्था द्वारा पंचायतों स्कूलों और धार्मिक गुरुओं के साथ मिलकर जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में बाल विवाह मुक्त भारत का सन्देश दिया एवं शपथ दिलाई। अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह जैसे अपराध को स्वीकार नहीं किया जा सकता सभी स्टेक होल्डर के समन्वित प्रयास एवं जागरूकता से इस दिन होने वाले विवाह में खास कमी आई है।
सुशील कुमार शर्मा संस्था प्रमुख हार्ड के द्वारा कहा गया कि कुछ वर्षों पहले लोगों को यह नहीं मालूम था कि नाबालिग बच्चों की शादी बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत दंडनीय है, साथ ही शादी में सेवा देने वाले हलवाई, डेकोरेटर, बैंड बाजा वाले, मैरेज हाल वाले, विवाह संपन्न कराने वाले पंडित और मौलवी आदि भी अपराध में संलिप्त माना गया है और उन्हें सजा एवं जुर्माना हो सकता है। लेकिन जमीन स्तर पर हमारे सब के प्रयासों से जागरूकता बढ़ी है लोग अब ऐसी घटनाओं की सुचना प्रशासन को तुरंत देते हैं और प्रशासन त्वरित कार्यवाही करता है। हमें विश्वास है कि शासन द्वारा निर्धारित 2030 तक कोरबा जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल कर लेंगे।

 

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