* एक दूसरे को लड़ाने की चल रही प्रवृत्ति से बट जाएगा देश – प्रभसुरीश्वर
* नवनिर्मित भव्य जैन मंदिर में करेंगे प्राण प्रतिष्ठा
* जैन मुनि ने विभिन्न विषयों पर मीडिया से की चर्चा
कोरबा (pnews24) “सभी धर्मो को साथ लेकर चलना चाहिए, राजनेता देश के लिये, प्रजा के लिये अच्छी नीति बनाएं। वर्तमान में एक दूसरे को लड़ाने की प्रवृत्ति चल रही है, इससे देश बंट जाएगा। अभी वर्तमान में जो स्थिति उत्पन्न हुई है वह ठीक नहीं है। सभी धर्मों को साथ लेकर चलना चाहिए।”
उक्त आशय के भावभीने धर्मोपदेश कथन यहाँ आचार्य प्रवर जिनमणि प्रभसुरीश्वर जैन मुनी ने अपने कोरबा प्रवास के दौरान स्थानीय पत्रकारों की जिज्ञासाओ को निराकृत करते हुए व्यक्त किये जैन समाज के द्वारा टी.पी. नगर इंदिरा विहार में भव्य मंदिर तैयार किया गया है। जिसमे प्राण प्रतिष्ठा इनके हाथो होगी इस नवनिर्मित मंदिर को 9 माह में भव्यता प्रदान की गई है। समाज द्वारा बनाया गया यह मंदिर आकर्षक है। ऐसी भव्य बनावट वाला मंदिर अब तक कोरबा में नहीं है।
जैन मुनी ने आगे बेबाक ढंग से कहा कि भारत में धर्मांतरण नहीं होना चाहिए, चाहे वह किसी भी धर्म का हो। लोगों को अपने धर्म में ही रहना चाहिए। धर्मांतरण का कड़ा विरोध होना चाहिए। छत्तीसगढ़ के लोग बड़े शांति प्रिय हैं। जैन मुनि ने कहा कि लोगों को परम शांति से जीना चाहिए। सहभाव और सहयोग से ही परम शांति स्थापित हो सकती है। प्रभु महावीर के संदेश व सिद्धांतों को पूरे विश्व को अनुशरण करना चाहिए। इससे ही परम शांति मिल सकती है। पाश्चात्य संस्कृति को लेकर कहा कि यह क्षणिक है, इससे शांति नहीं मिल सकती। लगातार पाश्चात्य संस्कृति में डूबे युवा भी साधु संत हो रहे हैं, जिनका आचरण व दिनचर्या ही पाश्चात्य संस्कृति से जुड़ा था। जब तक जीवन का मूल्य नहीं समझेंगे आत्मा में यह विकार चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति पर नाज है। सभी धर्म गंगा, यमुना, सरस्वती का त्रिवेणी का संगम हैं। सभी संस्कृति व उपदेश आपस में एक होते हैं। हमारा जीवन सरल व सहज होना चाहिए, जो ब्रम्ह को जानता है वही सही मायने में ब्राम्हण होता है। जैन मुनि समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने कोरबा पहुंचे हैं।

