सत्यानाशी पौधा औषधि गुण से परिपूर्ण नजर अंदाज मत करना

  • आपको पता है…..
    आमतौर पर गर्मियों के दिनों में खेतों में मेड पर खुद से उगने वाला यह पौधा छतीसगढ़ में कई नाम से जाना जाता है। इसके पीले फूल लोगों को खूब आकर्षित करते हैं। गेहूं और सरसों की फसल में यह खुद-ब-खुद उग आता है। भरभार, घमोई सत्यनाशी भट कटेया और न जाने किन-किन नाम से इसे संबोधित किया जाता है।देश के ज्‍यादातर हिस्‍से में अगर किसी को सत्‍यानाशी कहा जाता है तो उसका मतलब काम खराब करने वाले व्‍यक्ति से होता है. ऐसा व्‍यक्ति जो किसी काम का ना हो, जो हर काम बिगाड़ता हो यानी जिसका कोई फायदा ना हो, ऐसे व्‍यक्ति को सत्‍यानाशी कहा जाता है. लेकिन एक पौधा ऐसा भी है, जो कैसी भी जमीन में, कहीं भी उग जाता है और उसका नाम सत्‍यानाशी पौधा है. सतयानाशी पौधे को आपने अक्‍सर सड़क के किनारे, सख्‍त बंजर जमीन में, पथरीली जगहों पर, कड़ाके की धूप वाली जगहों या सूरज की रोशनी ना पहुंचने वाली यानी हर जगह पर देखा हो सकता है.सत्यानाशी पौधे में कई तरह के औषधीय गुण होते हैं. यह पौधा ज्‍यादातर हिमालयी क्षेत्रों में उगता है. इस पौधे में बहुत ज्‍यादा कांटे होते हैं. इसके पत्ते, शाखाओं, तने और फूलों के आसपास हर जगह कांटे होते हैं. इसके फूल पीले रंग के खिलते हैं, जिनके अंदर बैंगनी रंग के बीज पाए जाते हैं. अमूमन किसी पौधे के फूल और फल तोड़ने पर सफेद रंग के दूध जैसा तरल पदार्थ निकलता है, लेकिन सत्यानाशी के पौधे से फूल तोड़ने पर पीले रंग के दूध जैसा तरल पदार्थ निकलता है. पीले रंग के दूध जैसा पदार्थ निकलने के कारण इसे स्वर्णक्षीर भी कहा जाता है.सत्यानाशी के पौधे को स्‍वर्णक्षीर के अलावा उजर कांटा, प्रिकली पॉपी, कटुपर्णी, मैक्सिन पॉपी समेत कई नामों से पहचाना जाता है. अमूमन किसान इसे बेकार पौधा मानकर काटकर फेंक देते हैं. वहीं, आयुर्वेद में इसे औषधि की तरह इस्तेमाल कर दवाइयां बनाई जाती हैं, जिनसे कई रोगों का इलाज किया जाता है. सत्यानाशी पौधे का हर हिस्‍सा यानी पत्ते, फूल, तना, जड़ और छाल आयुर्वेद में बेहद काम के माने जाते हैं।

Recent News

गरियाबंद में दर्दनाक हादसा: उफनते सरगी नाला को पार करते समय बहा व्यक्ति, 5 किलोमीटर दूर मिला शव; बारिश के बीच प्रशासन ने जारी...

गरियाबंद जिले में लगातार बारिश के बीच बड़ा हादसा सामने आया। सहसपुर निवासी थनवार यादव सरगी नाला पार करते समय तेज बहाव में बह...