Monday, May 11, 2026
Google search engine

सब्ज़ियों का राजा कोई है तो वह आलू है….

आलू को लेकर रोचक तथ्य

आज से 8000 साल पहले लैटिन अमेरिका के पेरू इलाके में इंसानों ने जंगली आलू के पौधे की खेती करनी शुरू की.आज बिना आलू के हम दुनिया की कल्पना नही कर सकते।1675 तक आलू पश्चिम भारत में दस्तक दे चुका था. अजमेर और सूरत में आलू के खेती का वर्णन मिलता है।18वीं सदी तक आलू पूरे उत्तर भारत में उगाए जाने लगा।मुग़लों के समोसे से मांस निकाल कर उसमें आलू भरा गया. और इस तरह भारतीय समोसे का जन्म हुआ।

प्राचीन इंका साम्राज्य के इलाकों में आलू की जमकर खेती करने की शुरुआत हुई. आलू धीरे धीरे पूरे अमेरिकी महाद्वीप पर फैल गया.आलू मूलनिवासियों की भोजन संस्कृति का अहम हिस्सा बन गया.लेकिन 9500 वर्षों तक आलू के बारे में यूरोप, अफ्रीका और एशिया अनजान था. धरती की बड़ी आबादी बिना आलू खाए जी रही थी.1526 में स्पैनिश साम्राज्यवाद ने पेरू को अपनी कॉलोनी बनाया. यहीं से स्पैनिश आक्रमणकारियों को आलू के बारे में जानकारी हुई।अंग्रेजी शब्द Potato की उत्पत्ति स्पैनिश शब्द Patata से हुई।हिस्पैनिओला द्वीप के मूलनिवासी Taino लोग शकरकंद को Batata बोलते थे. और Quechua मूलनिवासी आलू Papa बोलते थे.शकरकंद और आलू दिखने में भले एक जैसे हो लेकिन दोनों एक ही वनस्पति परिवार के नही है. आलू तंबाकू वनस्पति परिवार से है.स्पैनिश लोगों ने Taino शब्द Batata को अपनाया जो Patata बना, और अंग्रेजी में Potato.लेकिन महाराष्ट्र में आज भी आलू को लोग Batata ही कहते हैं और अमरूद को Peru।

यूरोपीन्स आलू को जहाजों में भर भर पर यूरोप लेकर आए.शुरुआत में आलू की बहुत धीमी खेती हुई. यूरोपीन्स ने आलू को शक की नजर से देखा.अफवाह फैली की आलू खाने से बीमारियां होती है. शरीर पर फोड़ी फुंसी होती है.1589 में आयरलैंड में आलू की खेती शुरू हुई. इसके बावजूद आलू को पूरे यूरोप में फैलने के लिए कई दशक लग गए.1756 में युद्ध के समय पोलैंड के राजा ने आलू की खेती करना अनिवार्य बनाया. यह सोचकर कि गरीब किसान और मजदूर इसे खाकर अपने पेट को भूख मिटाएंगे.

इसका असर यह हुआ कि ज़मीन के गर्भगृह फलने फूलने वाला आलू यूरोप के भोजन संस्कृति का अहम हिस्सा बन गया.

फ्रांस, इंग्लैंड, जर्मनी, स्पेन इटली हर यूरोपीय देशों ने आलू को अपनाया. आलू अब यूरोप में एक सनक बन चुका था. फुले को तोड़कर गार्डन तक मे आलू की खेती करनी शुरुआत हुई.

आलू यूरोप के बाहर फैलने के लिए बेकरार था. यूरोपीन्स ने आलू को अफ्रीका, मिडिल ईस्ट और बाद में एशिया में इंट्रोड्यूस किया.

वैसे आलू अमीर गरीब सभी खाते थे. लेकिन ग्रामीण इलाकों में विशेषकर खेतिहर मजदूर, कारीगर, कामगार बिना तेल मसाला आदि के आलू केवल आग में भुजकर खा सकते थे.

आलू ने गरीबों को भूख से बचाया. आलू देवता का दूसरा रूप है.अब तो ऐसी कोई सब्ज़ी नही जो बिना आलू की बनती हो.

शराब, तंबाकू के बाद अगर दुनिया में लोगों को किसी चीज का नशा है तो वो आलू खाने का है.गेंहू, मक्का, चावल और शक्कर के बाद दुनिया में सबसे जरूरी फसल कोई है तो वो आलू है.बिना आलू के हम दुनिया की कल्पना नही कर सकते.

 

Recent News

वंदे छत्तीसगढ़ यूट्यूब चैनल का शुभारंभ

  चैनल को मिल रहा बेहतर प्रतिसाद कोरबा : आज का दौर सोशल मीडिया और डिजिटल का है, ऐसे में एक नए यूट्यूब चैनल का उदय...