कोरबा pnews 24_ओबीसी महासभा प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी राधेश्याम के नेतृत्व व मार्गदर्शन में जिला अध्यक्ष ओबीसी नकुल कुमार द्वैध द्वारा संसद में पेश महिला आरक्षण बिल का विरोध दर्ज कराते हुए आधे से अधिक आबादी वाले ओबीसी वर्ग के साथ कपट, हिस्सेदारी ना देकर किया गया है उन्होंने कहा कि सबसे बड़े लोकतांत्रिक भारत देश में आजादी के बाद से आज तक देश के आर्थिक रूप से देश की अर्थव्यवस्था में रीड की हड्डी की तरह अति महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले मतदाता अन्य पिछड़ा वर्ग की लगभग 55 प्रतिशत से अधिक आबादी निवास रत है साथ ही देश के प्रधानमंत्री दो दर्जन से अधिक केंद्रीय मंत्री ,छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष सहित अनेक कैबिनेट मंत्री एवं विधायक ओबीसी समुदाय से आते हैं इन समान परिस्थितियों के बावजूद ओबीसी के हितों पर लगातार कुठाराघात किया जा रहा है ओबीसी के उत्तरोत्तर उत्थान एवं प्रगति हेतु शासन स्तर पर निम्नांकित कार्यवाही अपेक्षित है एक /लंबित राष्ट्रीय जनगणना 2021 की जनगणना में जातिगत जनगणना शीघ्र कराई जाए दो /महामहिम राष्ट्रपति महोदया को प्रस्तुत की गई जी रोहिणी आयोग कमीशन की अनुशंसा को लागू न किया जाए जो ओबीसी के लिए घातक है तीन/ 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को देश के सभी राज्य में समान रूप से लागू किया जाए सहित महिला आरक्षण बिल जो ओबीसी महिलाओं को संख्या के अनुपात में नहीं दी जा रही है ओबीसी महासभा विरोध करती है तथा सरकार से मांग करती है कि उपरोक्त बिंदुओं पर त्वरित विचार करने हेतु ज्ञापन आज कलेक्टर कोरबा के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति ,माननीय प्रधानमंत्री व माननीय मुख्यमंत्री के नाम के सोपा गया जिसमें जिला अध्यक्ष ओबीसी नकुल कुमार, जिला संरक्षक ओबीसी लक्ष्मण श्रीवास, जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष ओबीसी त्रिवेणी देवी ,महासचिव हार बाई, उपाध्यक्ष ओबीसी ईश्वरी यादव, महासचिव ओबीसी तरुण राठौर, ओबीसी दयाशंकर साहू, उपाध्यक्ष ओबीसी अशोक कुमार ,कोषाध्यक्ष ओबीसी आर एन श्रीवास ,अशोक कश्यप, एम एल बरेठ सहित भारी संख्या में ओबीसी महासभा कोरबा के पदाधिकारी समाज प्रमुख व सदस्य गण शामिल हुए l

