कोरबा (pnews24) भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय व छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश पर शासकीय इवीपीजी अग्रणी महाविद्यालय में जिला स्तरीय भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें जिलेभर के 8 कॉलेजों के छात्र शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कॉलेज के जनभागीदारी अध्यक्ष दिनेश सोनी और विशिष्ट अतिथि कॉलेज की प्राचार्य डॉ. साधना खरे रहीं। भाषण प्रतियोगिता के लिए संचार-क्रांति और वाद-विवाद के लिए युवा तथा राजनीति का विषय निर्धारित किया गया था। दोनों ही प्रतियोगिताओं में युवाओं ने रोचक विचार प्रस्तुत किए। युवाओं ने वर्तमान युग में सूचना क्रांति और इसके साइड इफेक्ट पर भी अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि सूचनाएं अच्छी या बुरी नहीं होती। इसका उपयोग हम कैसे करते हैं, यह महत्वपूर्ण है। इसी तरह युवाओं के राजनीति में प्रवेश को लेकर युवाओं ने अपना अभिमत पेश किया। विषय के पक्ष और विपक्ष में अपनी बात रखते हुए युवाओं ने अपनी बुद्धिमत्ता का परिचय दिया। जिसने पी.जी. कॉलेज के अंबेडकर हॉल में उपस्थित श्रोताओं और निर्णयकों को भी खासा प्रभावित किया। भाषण प्रतियोगिता में चुने हुए 10 और वाद-विवाद में कुल 12 प्रतिभागी शामिल हुए। भाषण में प्रथम स्थान शाश्वत शर्मा, बीए अंतिम वर्ष केएन कॉलेज के छात्र ने प्राप्त किया।
वाद-विवाद प्रतियोगिता के पक्ष में सुमित कुमार, डाइट कोरबा ने प्रथम और विपक्ष में देवंतिका बीए द्वितीय वर्ष मिनीमाता कॉलेज ने प्राप्त किया। विजेताओं को मोमेंटो और प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत भी किया। कार्यक्रम का समन्वय पीजी कॉलेज के एनएसएस पुरुष इकाई के प्रभारी डॉ. बी.एल. साय, महिला इकाई की प्रभारी डॉ. अमोला कोर्राम ने किया। कार्यक्रम में एनएसएस जिला संगठक वाय.के. तिवारी सहित विभिन्न कॉलेजों के कार्यक्रम प्रभारी मौजूद रहे। कॉलेज के जनभागीदारी अध्यक्ष दिनेश सोनी ने कार्यक्रम में मौजूद प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए विवेकानंद को याद किया और उनका उद्धरण पेश किया। उन्होंने कहा कि भाषण और वाद-विवाद जैसे प्रतियोगिता में युवाओं को भाग लेना ही चाहिए। ऊर्जावान युवाओं की राजनीति के क्षेत्र में बेहद जरूरत है। छात्र जीवन में मिली ऊर्जा का उपयोग करना चाहिए। कॉलेज से आपको जो ज्ञान मिला है, उसका उपयोग करें और कोशिश करें कि जिस संस्था ने आपको इतना कुछ दिया उसे भविष्य में लौटाएं भी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डॉ. साधना खरे ने कहा कि भाषण और वाद-विवाद के इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को आपस में जोडऩा और बातचीत करना है। बहस कर समस्याओं का समाधान ढूंढे। व्यक्तित्व का विकास केवल किताब पढऩे या इंटनेट से नहीं किया जा सकता। कार्यक्रम में के.एन. कालेज के कार्यक्रम अधिकारी जी.एम. उपाध्याय, अग्रसेन महाविद्यालय की श्रीमती गौरी वानखड़े, बांकीमोंगरा कालेज के रघुराज सिंह कंवर, दीपका कालेज की अंजली कंवर आदि ने निर्णायक के रूप में उपस्थित रहकर सहयोग प्रदान किया।

