* बिना संघर्ष नहीं मिलेगी यात्री ट्रेन
* एकजुट होकर अब बड़ा आंदोलन करने की तैयारी
कोरबा (pnews24) अलग-अलग संगठनों में बिखरे होने का पूरा फायदा रेलवे प्रशासन उठा रहा है। यही कारण है कि करीब 10 माह पहले जिस गेवरारोड स्टेशन तक एक दर्जन गाड़ियां चल रही थीं वहां अब सन्नाटा पसरा रहता है। केवल मालगाड़ियों के दौड़ने की आवाज ही आसपास के लोगों को सुनाई देती है। कुसमुंडा क्षेत्र के लोगों का मानना है कि जब तक लोग एक होकर सामने नहीं आएंगे तब तक उनकी मांग रेलवे प्रबंधन नहीं पूरा करने वाला और उन्हें ट्रेन पकड़ने के लिए कोरबा तक की दौड़ हमेशा के लिए लगानी पड़ेगी।
संगठनों द्वारा लगातार यात्री सुविधाओं को लेकर रेलवे के खिलाफ आवाज उठाई जाती रही हैं, लेकिन बैनर अपना-अपना होने के कारण कहीं न कहीं कमजोर साबित होते रहे हैं। अब इन संगठनों के नेतृत्वकर्ताओं का कहना है कि जल्द ही एक बड़ा आंदोलन रेलवे के खिलाफ करेंगे।
जीएम व डीआरएम के साथ हुई सांसदों की बैठक में कोरबा से गेवरारोड की बंद यात्री ट्रेनों के शुरू करने के सवाल पर जिस तरह का जवाब डीआरएम प्रवीण पाण्डेय ने दिया है उससे यह कयास लगाया जा रहा है कि अब रेलवे प्रशासन शायद ही गेवरारोड तक यात्री ट्रेन चलाएगा। इसे लेकर पश्चिम क्षेत्र के लोगों में नाराजगी बढ़ने लगी है। आंदोलन करने वाले संगठनों के प्रमुख यात्री हितों के लिए आरपार की लड़ाई लड़ने की तैयारी में हैं। फिलहाल इसके लिए तिथि घोषित नहीं की गयी हैं।
सभी ने कहा कि अभी हम एक दूसरे से मिलकर एक मंच बनाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग प्रदर्शन के दौरान रहें और रेलवे प्रशासन को झुकने के लिए मजबूर कर सकें। इसकी रणनीति बनाई जा रही है, जल्द ही घोषणा हो कर दी जाएगी।
* जनप्रतिनिधियों को आंदोलन में आना होगा सामने
प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने बताया कि चाहे कोरबा का आंदोलन हो या गेवरारोड का, जनप्रतिनिधि अक्सर दूरी बनाए रहते हैं। इस बार ऐसा नहीं होगा। इसके लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों का समर्थन लेंगे और प्रयास करेंगे कि उनकी मांगो को लेकर वे भी प्रदर्शन में शामिल रहें, ताकि अधिकारियों पर दबाव बनाया जा सके। यहां बताना होगा गेवरारोड रेलवे स्टेशन का लाभ बांकीमोंगरा, गेवरा दीपका, हरदीबाजार, भिलाईबाजार, भठोरा, गेवराबस्ती, कुसमुंडा सहित आसपास की दर्जनों पंचायतों के 25 से अधिक गांव के लोगों को मिलता है, जो 10 माह से वंचित हैं।
* सरपंचों के साथ जपं सदस्य कर चुके हैं समर्थन
प्रभावित क्षेत्र के अधीन आने वाली ग्राम पंचायतों के सरपंचों के साथ जिला पंचायत व जनपद पंचायत सदस्यों ने पत्र लिखकर बंद यात्री ट्रेनों को चलाने के लिए आगे आने की बात पहले ही कह चुके हैं। अगर इन नेताओं को उनके शीर्ष नेताओं का समर्थन मिल जाता है तो नि:संदेह मांग पूरी होने में कोई देरी नहीं होगी। इसलिए इनको भी पत्र लिखने के साथ ही साथ अपने नेताओं को आगे आने प्रयास करना होगा। क्योंकि रेलवे प्रबंधन पत्र लिखने मात्र से ट्रेन शुरू करने वाला नहीं है, इसलिए आंदोलन एक मात्र रास्ता है।
* प्रभावित क्षेत्र है विधायक पुरुषोत्तम कंवर के विधानसभा में
कोरबा पश्चिम क्षेत्र (कटघोरा) के विधायक पुरुषोत्तम कंवर हैं। गेवरारोड रेलवे स्टेशन उनके विधानसभा क्षेत्र में ही आता है। क्षेत्र के लोगों से रेलवे द्वारा छीन ली गई यात्री सुविधाओं को लेकर विधायक श्री कंवर को भी आगे आना होगा, क्योंकि उनके क्षेत्र के लोग उपेक्षित हो रहे हैं।

