कोरबा में नशा मुक्ति अभियान को मिली नई ऊर्जा, PWD रामपुर स्कूल में छात्र-छात्राओं ने ली नशे से दूर रहने की शपथ

कोरबा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय PWD रामपुर में कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन में नशा मुक्ति अभियान के तहत शपथ समारोह आयोजित हुआ। छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अधिकारियों ने नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। पढ़ें पूरी खबर।

कोरबा CHHATTISHGARH (प्रखर न्यूज 24) युवाओं को नशे की लत से बचाने और समाज में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कोरबा जिले में चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के तहत सोमवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय PWD रामपुर में शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन में आयोजित हुआ, जिसमें विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने न केवल स्वयं नशे से दूर रहने की शपथ ली, बल्कि अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशामुक्त बनाने का संकल्प दोहराया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर स्वस्थ जीवनशैली, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच का विकास करना था।

विद्यार्थियों को दिलाई गई नशा मुक्ति की शपथ

कार्यक्रम की शुरुआत नशा मुक्ति शपथ के साथ हुई। छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेंगे।

शपथ के दौरान विद्यार्थियों ने यह भी वचन दिया कि वे अपने आसपास के लोगों को नशे के खिलाफ प्रेरित करेंगे और समाज में स्वस्थ एवं सुरक्षित वातावरण बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

नशा केवल व्यक्ति नहीं, पूरे परिवार को प्रभावित करता है

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि नशा एक ऐसी सामाजिक बुराई है, जो केवल किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहती बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करती है। शराब, तंबाकू, गुटखा, सिगरेट और अन्य मादक पदार्थों का सेवन धीरे-धीरे व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और आर्थिक जीवन को कमजोर कर देता है।

उन्होंने बताया कि नशे की वजह से पारिवारिक कलह, आर्थिक संकट, अपराध, सड़क दुर्घटनाएं और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं बढ़ती हैं। इसलिए समय रहते युवाओं को जागरूक करना बेहद आवश्यक है।

युवाओं से पढ़ाई और खेलकूद को अपनाने की अपील

कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और अधिकारियों ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच सबसे महत्वपूर्ण है। यदि युवा अपनी ऊर्जा को पढ़ाई, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और अन्य रचनात्मक कार्यों में लगाते हैं तो वे न केवल अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा बन सकते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल और सोशल मीडिया के दुरुपयोग से बचने तथा अच्छी संगति अपनाने की भी सलाह दी। वक्ताओं ने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है।

समाज कल्याण विभाग निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका

नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत समाज कल्याण विभाग लगातार विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी जा रही है और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल शपथ दिलाना नहीं, बल्कि लोगों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाना है ताकि आने वाली पीढ़ी नशे जैसी सामाजिक बुराई से सुरक्षित रह सके।

विद्यालयों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी सामाजिक अभियान की सफलता में विद्यालयों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। किशोरावस्था वह समय होता है जब विद्यार्थी नई चीजों को जल्दी अपनाते हैं। ऐसे में यदि उन्हें सही दिशा और उचित मार्गदर्शन मिले तो वे जीवनभर स्वस्थ आदतों का पालन करते हैं।

विद्यालयों में आयोजित ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को केवल जानकारी ही नहीं देते, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं।

नशामुक्त समाज बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी

कार्यक्रम में इस बात पर भी जोर दिया गया कि केवल सरकारी प्रयासों से नशे की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकती। इसके लिए अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की समान भागीदारी आवश्यक है।

यदि परिवार अपने बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें, उनकी गतिविधियों पर सकारात्मक नजर रखें और उन्हें अच्छे संस्कार दें तो नशे जैसी समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

विद्यार्थियों ने दिया सकारात्मक संदेश

कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं ने नशे से दूर रहने का संदेश देते हुए कहा कि वे स्वयं भी किसी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे और अपने मित्रों एवं परिचितों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे। कई विद्यार्थियों ने यह भी कहा कि वे अपने घर और मोहल्ले में लोगों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देंगे, ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।

विद्यालय परिसर में आयोजित यह शपथ समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर सामाजिक जिम्मेदारी और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता पैदा करने का एक सार्थक प्रयास साबित हुआ।

जिले में लगातार चल रहा है जनजागरूकता अभियान

कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन में जिले में नशा मुक्ति अभियान के तहत लगातार विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशासन का उद्देश्य युवाओं को नशे की गिरफ्त में आने से रोकना और उन्हें सकारात्मक जीवन मूल्यों की ओर प्रेरित करना है।

प्रशासन का मानना है कि यदि युवा पीढ़ी नशे से दूर रहेगी तो समाज अधिक स्वस्थ, सुरक्षित और विकासोन्मुख बनेगा। इसी सोच के साथ जिले में आगे भी इस तरह के जनजागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे।

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