कोरबा की स्टार कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी का चयन 20वें एशियाई खेलों के लिए भारतीय महिला कबड्डी टीम में हुआ है। जानिए संजू का चयन, प्रशिक्षण और छत्तीसगढ़ की उम्मीदों से जुड़ी पूरी खबर।
कोरबा(Prakhar News Korba)छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संजू देवी का चयन 20वें एशियाई खेलों के लिए भारतीय महिला कबड्डी टीम में हुआ है। भारतीय टीम में जगह बनाकर उन्होंने न केवल अपने परिवार और कोरबा का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के खेल प्रेमियों को गर्व करने का मौका दिया है।
संजू देवी के चयन की खबर सामने आने के बाद कोरबा सहित प्रदेश के कबड्डी खिलाड़ियों और खेल जगत में उत्साह का माहौल है। स्थानीय स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाने वाली संजू अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी में हैं। उनके चयन को छत्तीसगढ़ में महिला कबड्डी के बढ़ते प्रभाव और प्रदेश की खेल प्रतिभाओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
20वें एशियाई खेलों में दिखेगा संजू का दम
20वें एशियाई खेलों का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में किया जाएगा। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में एशिया के विभिन्न देशों के शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। कबड्डी में भारतीय टीम से हमेशा मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद रहती है और इस बार टीम में संजू देवी का शामिल होना छत्तीसगढ़ के लिए भी खास उपलब्धि है।
एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से भारतीय महिला कबड्डी टीम की अंतिम सूची घोषित की गई है। इस टीम में संजू देवी को स्थान मिला है। अंतिम टीम में जगह बनाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इसके लिए खिलाड़ियों को लगातार प्रदर्शन, फिटनेस, तकनीक और प्रतिस्पर्धी क्षमता के स्तर पर खुद को साबित करना पड़ता है।
संजू का चयन यह बताता है कि उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध अवसरों का प्रभावी ढंग से उपयोग किया और चयनकर्ताओं का भरोसा जीतने में सफल रहीं।
बहतराई एक्सीलेंस सेंटर में चल रही कड़ी तैयारी
भारतीय महिला कबड्डी टीम में चयन के बाद संजू देवी की तैयारियां और भी महत्वपूर्ण हो गई हैं। वह फिलहाल बिलासपुर के बहतराई स्थित एक्सीलेंस सेंटर में प्रशिक्षण ले रही हैं। यहां वह उच्च स्तर के प्रशिक्षण के जरिए अपनी तकनीक, फिटनेस और खेल क्षमता को और बेहतर बनाने में जुटी हैं।
एशियाई खेल जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर मुकाबला केवल शारीरिक ताकत का नहीं होता। खिलाड़ियों को तेज निर्णय लेने, दबाव में प्रदर्शन करने और टीम के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखने की जरूरत होती है। ऐसे में संजू के लिए बहतराई एक्सीलेंस सेंटर में चल रही तैयारी आगामी प्रतियोगिता के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
उनकी मौजूदा ट्रेनिंग का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए खुद को पूरी तरह तैयार करना है, ताकि जब भारतीय टीम मैदान पर उतरे तो संजू अपनी भूमिका को प्रभावी ढंग से निभा सकें।
कोरबा से राष्ट्रीय टीम तक का सफर बना प्रेरणा
संजू देवी का भारतीय महिला कबड्डी टीम तक पहुंचना उन खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणादायक है, जो छोटे शहरों और जिलों से निकलकर बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाने का सपना देखते हैं। कोरबा जैसे औद्योगिक जिले में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के लिए खिलाड़ियों को लगातार मेहनत, अनुशासन और बेहतर प्रशिक्षण की जरूरत होती है।
संजू ने इस सफर में अपने खेल को लगातार निखारा और अब उन्हें भारतीय महिला कबड्डी टीम की जर्सी पहनने का अवसर मिला है। उनकी उपलब्धि यह संदेश भी देती है कि प्रतिभा को सही दिशा, प्रशिक्षण और अवसर मिले तो प्रदेश के छोटे शहरों से निकलने वाले खिलाड़ी भी देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।
खास तौर पर महिला खिलाड़ियों के लिए संजू की सफलता एक सकारात्मक उदाहरण है। कबड्डी जैसे खेल में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और संजू जैसी खिलाड़ी इस बदलाव को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ ने जताया भरोसा
संजू देवी के चयन पर छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के पदाधिकारियों ने खुशी जताई है। संघ से जुड़े पदाधिकारियों ने उन्हें बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि संजू एशियाई खेलों में अपने शानदार प्रदर्शन से भारतीय टीम को मजबूती प्रदान करेंगी।
संघ का मानना है कि संजू में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने की पूरी क्षमता है। उनकी मेहनत और अब तक के प्रदर्शन को देखते हुए उनसे भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद की जा रही है।
संजू के चयन के बाद खेल प्रेमियों की निगाहें अब एशियाई खेलों पर रहेंगी। कोरबा और छत्तीसगढ़ के लोग चाहेंगे कि उनकी यह बेटी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने खेल का शानदार प्रदर्शन करे और भारतीय महिला कबड्डी टीम की सफलता में योगदान दे।
परिवार और जिले के लिए गर्व का क्षण
किसी भी खिलाड़ी के लिए देश की राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना लंबे संघर्ष और मेहनत का परिणाम होता है। ऐसे में संजू देवी का एशियाई खेलों के लिए चयन उनके परिवार के साथ-साथ पूरे कोरबा जिले के लिए गर्व का विषय है।
एक स्थानीय खिलाड़ी का भारतीय टीम तक पहुंचना जिले के दूसरे उभरते खिलाड़ियों के लिए भी उत्साह बढ़ाने वाला है। इससे युवाओं को खेलों में करियर बनाने और अपनी प्रतिभा को आगे ले जाने की प्रेरणा मिल सकती है।
अब संजू के सामने अगली चुनौती एशियाई खेलों के मैदान पर अपने प्रदर्शन को साबित करने की है। भारतीय टीम के साथ अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का अनुभव उनके करियर के लिए भी महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकता है।
एशियाई खेलों में पदक की उम्मीद
भारतीय महिला कबड्डी टीम से एशियाई खेलों में हमेशा पदक की उम्मीद की जाती है। ऐसे में टीम में शामिल हर खिलाड़ी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। संजू देवी के लिए यह सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि अपने अब तक के सफर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साबित करने का बड़ा अवसर भी है।
कोरबा की इस स्टार रेडर से उम्मीद है कि वह अपनी गति, रणनीति और आक्रामक खेल के दम पर भारतीय टीम को अहम मुकाबलों में मजबूती देंगी। हालांकि मैदान पर अंतिम प्रदर्शन परिस्थितियों और टीम की रणनीति पर निर्भर करेगा, लेकिन संजू का टीम में चयन ही उनके लिए बड़ी उपलब्धि है।
कोरबा से एशियाई खेलों तक पहुंची संजू
संजू देवी की कहानी छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं की क्षमता को सामने लाती है। कोरबा से निकलकर भारतीय महिला कबड्डी टीम में जगह बनाने वाली संजू अब जापान के आइची-नागोया में होने वाले 20वें एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
उनके चयन से कोरबा के खेल जगत में नई उम्मीद जगी है। अब हर किसी की नजर संजू के प्रदर्शन पर होगी। उम्मीद यही है कि वह पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेंगी और अपने खेल से देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और कोरबा का नाम भी रोशन करेंगी।
संजू देवी को उनके चयन पर हार्दिक बधाई और आगामी एशियाई खेलों के लिए शुभकामनाएं।

