बिलासपुर पुलिस ने ऑनलाइन मैट्रिमोनियल साइट के जरिए शादी और नौकरी का झांसा देकर महिलाओं से लाखों रुपये और सोने-चांदी के जेवर ठगने वाले पति-पत्नी को दिल्ली-हरियाणा क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। जानिए पूरा मामला, पुलिस की जांच और साइबर ठगी से बचने के जरूरी उपाय।
ऑनलाइन CHHATTISHGARH (प्रखर न्यूज 24) मैट्रिमोनियल साइट के जरिए रची गई ठगी की साजिश ऑनलाइन मैट्रिमोनियल वेबसाइटों पर जीवनसाथी की तलाश कर रहे लोगों को निशाना बनाकर ठगी करने वाले एक पति-पत्नी को बिलासपुर की तोरवा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों ने शादी और नौकरी दिलाने का झांसा देकर महिलाओं से लाखों रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर हड़प लिए। शुरुआती जांच में करीब 12 से 13 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।
इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि आरोपी लंबे समय से अलग-अलग राज्यों में रहकर पहचान छिपाते हुए लोगों को अपना शिकार बना रहे थे। पुलिस ने दोनों को दिल्ली-हरियाणा क्षेत्र से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
कोरबा की महिला की शिकायत से खुला पूरा मामला
पुलिस के मुताबिक इस मामले की शुरुआत तब हुई जब कोरबा निवासी एक महिला ने 9 मार्च 2026 को तोरवा थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। महिला ने बताया कि उसकी पहचान एक ऑनलाइन मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म ‘शादी डॉट कॉम’ के माध्यम से पवन कुमार यादव नाम के व्यक्ति से हुई थी।
आरोपी ने खुद को अविवाहित, शिक्षित और अच्छी नौकरी करने वाला व्यक्ति बताते हुए महिला का विश्वास जीत लिया। बातचीत का सिलसिला धीरे-धीरे बढ़ा और उसने शादी का प्रस्ताव भी रखा। भरोसा मजबूत होने के बाद आरोपी ने भविष्य के सुनहरे सपने दिखाते हुए महिला से आर्थिक मदद मांगनी शुरू कर दी।
शादी का भरोसा, नौकरी का लालच और फिर ठगी
शिकायत के अनुसार आरोपी ने महिला को भरोसा दिलाया कि शादी के बाद दोनों बेहतर जीवन बिताएंगे। इसके साथ ही उसने नौकरी लगवाने और बेहतर भविष्य का सपना दिखाया। महिला आरोपी की बातों में आ गई और समय-समय पर उसे बड़ी रकम भेजती रही।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने महिला से नकदी के अलावा सोने-चांदी के जेवर भी अपने कब्जे में ले लिए। जब महिला ने शादी और अपने पैसों को लेकर दबाव बनाया तो आरोपी लगातार बहाने बनाने लगा। कुछ समय बाद उसने संपर्क कम कर दिया और अंततः बातचीत बंद कर दी।
यहीं से महिला को ठगी का एहसास हुआ और उसने पुलिस की शरण ली।
तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने दिल्ली-हरियाणा से दबोचा
मामले की गंभीरता को देखते हुए तोरवा पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच की गई। लगातार बदलते ठिकानों और मोबाइल लोकेशन का विश्लेषण करने के बाद पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
जांच के दौरान पता चला कि आरोपी दिल्ली-हरियाणा क्षेत्र में रहकर अपनी गतिविधियां संचालित कर रहे थे। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर पति-पत्नी दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या दोनों ने इसी तरह अन्य राज्यों में भी लोगों को अपना शिकार बनाया है। आशंका है कि इस गिरोह के खिलाफ और भी शिकायतें सामने आ सकती हैं।
पति-पत्नी मिलकर करते थे ठगी का पूरा खेल
प्राथमिक जांच में पुलिस को संकेत मिले हैं कि आरोपी पति-पत्नी सुनियोजित तरीके से लोगों को निशाना बनाते थे। पहले ऑनलाइन मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म के जरिए संपर्क किया जाता था। इसके बाद भरोसा जीतकर शादी, नौकरी या भविष्य की योजनाओं का हवाला दिया जाता था।
जब सामने वाला व्यक्ति पूरी तरह विश्वास कर लेता था, तब उससे अलग-अलग कारण बताकर रुपये और कीमती सामान मांगा जाता था। रकम मिलने के बाद आरोपी धीरे-धीरे संपर्क खत्म कर देते थे।
पुलिस अब दोनों के बैंक खातों, मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच कर रही है ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69, 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की विवेचना जारी है और पुलिस अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी भी जुटा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में और तथ्य सामने आते हैं तो आरोपियों पर अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
ऑनलाइन मैट्रिमोनियल साइट इस्तेमाल करते समय रखें ये सावधानियां
ऑनलाइन मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म लोगों को जीवनसाथी खोजने का सुरक्षित माध्यम उपलब्ध कराते हैं, लेकिन कुछ साइबर अपराधी इन प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग भी करते हैं। ऐसे मामलों से बचने के लिए कुछ सावधानियां बेहद जरूरी हैं—
- केवल प्रोफाइल देखकर किसी पर तुरंत भरोसा न करें।
- वीडियो कॉल और पारिवारिक सत्यापन के बिना शादी का फैसला न लें।
- किसी भी व्यक्ति को ऑनलाइन पैसे, गिफ्ट या जेवर भेजने से बचें।
- नौकरी दिलाने या शादी के नाम पर आर्थिक मदद मांगने वालों से सतर्क रहें।
- संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत संबंधित वेबसाइट और पुलिस को सूचना दें।
- बैंक खाते, OTP और निजी दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें।
बढ़ रहे हैं ऑनलाइन रिश्तों से जुड़े साइबर अपराध
पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अपराधी नकली पहचान बनाकर पहले भावनात्मक संबंध स्थापित करते हैं और फिर भरोसे का फायदा उठाकर आर्थिक ठगी को अंजाम देते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल युग में रिश्ते बनाते समय भावनाओं के साथ-साथ सतर्कता भी जरूरी है। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर बड़ी रकम ट्रांसफर करना या कीमती सामान सौंपना गंभीर आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन मैट्रिमोनियल वेबसाइटों या सोशल मीडिया के जरिए बनने वाले रिश्तों में जल्दबाजी न करें। यदि कोई व्यक्ति शादी, नौकरी, निवेश या किसी अन्य बहाने से बार-बार पैसे मांगता है तो उसकी पूरी जांच-पड़ताल करें। किसी भी प्रकार की ठगी की आशंका होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि डिजिटल दुनिया में भरोसा करने से पहले हर जानकारी का सत्यापन करना आवश्यक है। थोड़ी-सी सतर्कता लाखों रुपये की ठगी और मानसिक परेशानी से बचा सकती है।

