भूतेश्वरनाथ धाम से लौट रही श्रद्धालुओं की बस पुल पर हादसे का शिकार, 54 यात्रियों की बची जान; एक राहगीर घायल, घंटों जाम से लोग परेशान

गरियाबंद के भूतेश्वरनाथ धाम से लौट रही श्रद्धालुओं से भरी बस भकुर्रा मार्ग के पुल पर हादसे का शिकार हो गई। बस का पहिया पुल किनारे धंसने से 54 यात्रियों की जान बाल-बाल बची, जबकि एक राहगीर घायल हो गया। पढ़ें पूरी खबर।

गरियाबंद CHHATTISHGARH (प्रखर न्यूज 24) छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित प्रसिद्ध भूतेश्वरनाथ धाम से लौट रहे श्रद्धालुओं की बस सोमवार को एक बड़े हादसे का शिकार हो गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी 54 श्रद्धालु पूरी तरह सुरक्षित हैं। हादसे में बस की चपेट में आने से एक राहगीर घायल हो गया, जिसे तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद भकुर्रा मार्ग पर लंबा जाम लग गया और करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।

यह हादसा मरौदा गांव के समीप उस समय हुआ, जब बस चालक सामने से आ रहे वाहन को सुरक्षित रास्ता देने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान बस का अगला पहिया पुल के किनारे धंस गया और बस असंतुलित होकर सड़क से नीचे की ओर झुक गई। अचानक हुए इस घटनाक्रम से बस में बैठे श्रद्धालुओं में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई।

सामने से आ रहे वाहन को साइड देने के दौरान हुआ हादसा

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार रायपुर से श्रद्धालुओं का एक दल बस के माध्यम से भूतेश्वरनाथ धाम दर्शन के लिए पहुंचा था। दर्शन के बाद सभी श्रद्धालु वापस रायपुर लौट रहे थे। रास्ते में भकुर्रा मार्ग स्थित पुल पर सामने से एक अन्य वाहन आ गया। पुल संकरा होने के कारण बस चालक ने वाहन को निकलने के लिए बस को किनारे किया, लेकिन सड़क का किनारा कमजोर होने के कारण बस का अगला पहिया धंस गया।

पहिया धंसते ही बस का संतुलन बिगड़ गया और सामने का शीशा टूट गया। अचानक हुए झटके से यात्रियों में घबराहट फैल गई, लेकिन चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को पूरी तरह पलटने से बचा लिया। यही वजह रही कि बस में सवार सभी 54 यात्रियों की जान सुरक्षित बच गई।

राहगीर बस की चपेट में आया, जिला अस्पताल में उपचार जारी

हादसे के दौरान सड़क किनारे चल रहा एक व्यक्ति बस की चपेट में आ गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और डायल-112 को सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और घायल व्यक्ति को प्राथमिक सहायता देने के बाद जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार घायल का इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है। पुलिस घायल की पहचान और हादसे की परिस्थितियों की भी जांच कर रही है।

यात्रियों में मची अफरा-तफरी, लेकिन सभी सुरक्षित

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस जैसे ही पुल किनारे धंसी, यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। कई श्रद्धालु अपनी सीटों से उठकर बाहर निकलने का प्रयास करने लगे। स्थानीय ग्रामीण और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बस तक पहुंचकर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकलने में मदद की।

श्रद्धालुओं ने बताया कि कुछ पल के लिए ऐसा लगा मानो बस पलट जाएगी, लेकिन चालक की सतर्कता और स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण बड़ा हादसा टल गया। कई यात्रियों ने इसे भगवान भूतेश्वरनाथ की कृपा बताते हुए सुरक्षित बचने पर राहत जताई।

घटना के बाद दोनों ओर लगा लंबा जाम

हादसे के कारण पुल पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। खासकर भूतेश्वरनाथ धाम की ओर जाने और वहां से लौटने वाले श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और यातायात को नियंत्रित करने में जुट गई। बस को सुरक्षित हटाने और यातायात बहाल करने की प्रक्रिया में काफी समय लगा। करीब एक घंटे बाद भी स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी थी।

पुल की चौड़ाई और सड़क किनारे की मजबूती पर उठे सवाल

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भकुर्रा मार्ग स्थित पुल की स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और भारी वाहन गुजरते हैं, लेकिन कई स्थानों पर सड़क और पुल के किनारे पर्याप्त मजबूत नहीं हैं।

स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि पुल के किनारों पर मजबूत सुरक्षा दीवार (गार्ड वॉल) या रेलिंग होती तो इस प्रकार की घटना की संभावना काफी कम हो सकती थी। लोगों ने प्रशासन से मार्ग का तकनीकी निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य कराने की मांग की है।

सावन में बढ़ जाती है श्रद्धालुओं की संख्या

सावन के महीने में भूतेश्वरनाथ धाम में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सोमवार, अवकाश और विशेष धार्मिक अवसरों पर श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे समय में इस मार्ग पर बसों, निजी वाहनों और दोपहिया वाहनों का दबाव भी अधिक रहता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मार्गों की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और पुलों की क्षमता का समय-समय पर परीक्षण किया जाना आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।

पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस ने घटना की जानकारी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण सामने से आ रहे वाहन को रास्ता देने के दौरान बस का पुल किनारे धंसना बताया जा रहा है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि सड़क की स्थिति, पुल की संरचना या अन्य किसी तकनीकी कारण ने दुर्घटना में भूमिका निभाई या नहीं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि संकरे पुलों और भीड़भाड़ वाले मार्गों पर वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करें।

राहत की बात

इस हादसे में सबसे बड़ी राहत यह रही कि बस में सवार सभी 54 श्रद्धालु सुरक्षित हैं। यदि बस पूरी तरह असंतुलित होकर पलट जाती तो बड़ी जनहानि हो सकती थी। समय रहते चालक की सतर्कता, स्थानीय लोगों की मदद और पुलिस-प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से संभावित बड़ा हादसा टल गया।

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