रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र के छापरपानी गांव में मां और 10 माह की मासूम बेटी की हत्या के मामले में पुलिस ने 65 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पूछताछ में आरोपी ने दुष्कर्म और हत्या का अपराध स्वीकार किया। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
रायगढ़ CHHATTISHGARH (प्रखर न्यूज 24) । जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम छापरपानी में पिछले दिनों हुई मां और उसकी 10 माह की मासूम बेटी की निर्मम हत्या के मामले में रायगढ़ पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया है। इस जघन्य अपराध में शामिल 65 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की कड़ी पूछताछ और वैज्ञानिक एवं मनोवैज्ञानिक जांच के बाद आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
यह मामला पूरे क्षेत्र में सनसनी का कारण बना हुआ था। एक महिला और उसकी मासूम बेटी की एक साथ हत्या ने न केवल ग्रामीणों को झकझोर दिया, बल्कि पुलिस के सामने भी इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने की बड़ी चुनौती थी। कई दिनों तक चली जांच, तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण और संदिग्धों से लगातार पूछताछ के बाद पुलिस आखिरकार आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।
15 जुलाई की रात दिया वारदात को अंजाम

पुलिस के अनुसार घटना 15 जुलाई की रात की है। आरोपी देर रात महिला के बोर (कच्चे) मकान में घुस गया। उस समय महिला अपनी 10 माह की बेटी के साथ सो रही थी। आरोपी ने महिला के साथ जबरदस्ती करने और दुष्कर्म का प्रयास किया।
जब महिला ने उसका विरोध किया और शोर मचाने की कोशिश की, तो आरोपी ने पास में रखी ईंट से उसके सिर पर कई वार कर दिए। गंभीर चोट लगने से महिला बेहोश होकर गिर गई। इसके बाद आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
पुलिस जांच के अनुसार अपराध को छिपाने और किसी भी गवाह को समाप्त करने की नीयत से आरोपी ने महिला की हत्या कर दी। वहीं घटनास्थल पर मौजूद 10 माह की मासूम बच्ची की भी हत्या कर दी गई, जिससे पूरा मामला दोहरे हत्याकांड में बदल गया।
पुलिस की जांच में सामने आई सच्चाई
घटना के बाद पुलिस ने कई स्तरों पर जांच शुरू की। घटनास्थल से जुटाए गए भौतिक साक्ष्यों, तकनीकी तथ्यों और परिस्थितिजन्य प्रमाणों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई।
जांच के दौरान आरोपी के बयान में लगातार विरोधाभास सामने आने पर पुलिस ने उससे कड़ाई और मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी टूट गया और उसने पूरी वारदात स्वीकार कर ली।
आरोपी के कबूलनामे के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ पहले से दर्ज हत्या के प्रकरण में दुष्कर्म से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 और धारा 66 भी जोड़ दी हैं।
न्यायालय में पेश कर भेजा गया जेल
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए न्यायालय में पेश किया। अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि मामले में सभी आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए जा चुके हैं और विवेचना निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाई जा रही है।
पूरे क्षेत्र में था आक्रोश और भय
मां और मासूम बेटी की हत्या की खबर सामने आने के बाद छापरपानी सहित पूरे लैलूंगा क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल था। ग्रामीण लगातार इस जघन्य अपराध के आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
पुलिस की टीम लगातार घटनास्थल पर जुटे साक्ष्यों का परीक्षण कर रही थी। कई लोगों से पूछताछ की गई और हर छोटे-बड़े सुराग को गंभीरता से जांचा गया। अंततः पुलिस ने मामले का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गंभीर अपराधों में त्वरित जांच की चुनौती
इस तरह के मामलों में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती सीमित प्रत्यक्ष साक्ष्यों के बीच सही आरोपी तक पहुंचना होता है। हत्या और यौन अपराध जैसे संवेदनशील मामलों में फोरेंसिक जांच, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और वैज्ञानिक अनुसंधान की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समयबद्ध जांच और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र प्रस्तुत करना न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत बनाता है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में मदद करता है।
समाज के लिए गंभीर चेतावनी
यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि समाज के सामने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा, अपराध की रोकथाम और संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है।
कानून विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले जघन्य अपराधों में त्वरित जांच, निष्पक्ष विवेचना और समय पर न्याय समाज में कानून के प्रति विश्वास बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
पुलिस ने फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है तथा मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। मामले में विवेचना पूरी होने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया जाएगा।

