रायपुर के मुजगहन थाना क्षेत्र में 19 वर्षीय बीएड छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया है। शरीर पर चोट के निशान मिलने के बाद लिव-इन पार्टनर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जानिए पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट।
रायपुर CHHATTISHGARH (प्रखर न्यूज 24)। राजधानी रायपुर के मुजगहन थाना क्षेत्र स्थित बोरियाकला हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से एक 19 वर्षीय बीएड छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। प्रारंभिक जांच में छात्रा के शरीर और गले पर चोट के निशान मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हत्या की आशंका के आधार पर अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने मृतका के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे युवक सावंत बघेल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं दूसरी ओर, मृतका के परिजनों ने युवक पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
संदिग्ध हालात में मिली छात्रा की मौत
जानकारी के अनुसार, 19 वर्षीय छात्रा बीएड की पढ़ाई कर रही थी और पिछले कुछ समय से मुजगहन थाना क्षेत्र की बोरियाकला हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में अपने लिव-इन पार्टनर के साथ रह रही थी। इसी दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही मुजगहन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। शुरुआती निरीक्षण के दौरान छात्रा के शरीर पर कई स्थानों पर चोट के निशान दिखाई दिए, जिसके बाद पुलिस ने मामले को सामान्य मौत मानने के बजाय सभी संभावित पहलुओं से जांच शुरू की।
शरीर पर मिले चोट के निशान, हत्या की आशंका हुई मजबूत
पुलिस और परिजनों के अनुसार मृतका के शरीर पर कई स्थानों पर चोट के निशान पाए गए हैं। विशेष रूप से आंख के नीचे, ठुड्डी और गर्दन के पीछे मिले चोट के निशानों ने मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है।
इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने हत्या की आशंका से इनकार नहीं किया और संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
हालांकि पुलिस का कहना है कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतका के परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी के साथ पहले मारपीट की गई और उसके बाद उसकी हत्या की गई। उनका कहना है कि शरीर पर मौजूद चोटों के निशान सामान्य नहीं हैं और इनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
परिजनों ने मांग की है कि यदि जांच में हत्या की पुष्टि होती है तो आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
पुलिस ने परिजनों के बयान भी दर्ज कर लिए हैं और उन्हें जांच की प्रत्येक महत्वपूर्ण प्रगति से अवगत कराने का भरोसा दिया है।
लिव-इन पार्टनर से लगातार पूछताछ
मामले के मुख्य संदेही के रूप में मृतका के साथ रह रहे युवक सावंत बघेल को पुलिस ने हिरासत में लिया है। जांच अधिकारी उससे घटना के समय की परिस्थितियों, दोनों के संबंधों, हाल के दिनों में हुए विवादों तथा घटना से पहले की गतिविधियों के संबंध में विस्तृत पूछताछ कर रहे हैं।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले दोनों के बीच किसी प्रकार का विवाद हुआ था या नहीं।
फिलहाल आरोपी की भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही हो सकेगी।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए महत्वपूर्ण साक्ष्य
घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने कमरे और आसपास के क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण कर कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों के अलावा मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री और अन्य डिजिटल सबूतों को भी अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू कर दी है।
डिजिटल साक्ष्य यह स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं कि घटना से पहले दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी और उस दौरान क्या परिस्थितियां बनी थीं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट होगी सबसे अहम कड़ी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी पोस्टमार्टम रिपोर्ट होगी। मेडिकल रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि मौत का वास्तविक कारण क्या था, शरीर पर मिले चोटों की प्रकृति कैसी थी और उनकी समयावधि क्या रही।
यदि रिपोर्ट में गला दबाने, दम घुटने या किसी अन्य प्रकार की हिंसा की पुष्टि होती है तो उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस
मुजगहन थाना पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। जांच अधिकारी निम्न बिंदुओं पर विशेष रूप से काम कर रहे हैं—
- दोनों के बीच संबंधों की वास्तविक स्थिति।
- घटना से पहले किसी विवाद की संभावना।
- डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण।
- घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्य।
- पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट।
- आसपास के लोगों एवं परिचितों के बयान।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
लिव-इन संबंधों से जुड़े मामलों में जांच की संवेदनशीलता
विशेषज्ञों का मानना है कि लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े मामलों में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में केवल परिस्थितिजन्य तथ्यों के बजाय मेडिकल रिपोर्ट, डिजिटल डेटा, फॉरेंसिक विश्लेषण और प्रत्यक्ष साक्ष्यों के आधार पर ही जांच आगे बढ़ाई जाती है।
इसी कारण पुलिस इस मामले में भी सभी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही है ताकि किसी निर्दोष को परेशानी न हो और यदि अपराध हुआ है तो उसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई की जा सके।
जांच जारी, रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल छात्रा की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह जांच का विषय है। पुलिस ने हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। वहीं परिजन न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं। अब पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और डिजिटल साक्ष्यों की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों और आरोपी की भूमिका को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

