रायपुर में बड़ी वारदात टली: कल्याण ज्वेलर्स में डकैती की साजिश नाकाम, हथियारों के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार, 2 फरार

रायपुर के पंडरी स्थित कल्याण ज्वेलर्स में डकैती की बड़ी साजिश को रायपुर पुलिस ने समय रहते विफल कर दिया। तीन आरोपी हथियारों सहित गिरफ्तार, दो फरार। पढ़ें पूरी खबर, पुलिस जांच, बरामदगी और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी हर अहम जानकारी।

राजधानी CHHATTISHGARH (प्रखर न्यूज 24) रायपुर में पुलिस की सतर्कता और प्रोएक्टिव पुलिसिंग के चलते एक बड़ी आपराधिक घटना होने से पहले ही टल गई। पंडरी स्थित प्रसिद्ध कल्याण ज्वेलर्स में डकैती की साजिश रच रहे गिरोह के तीन सदस्यों को गुढ़ियारी थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से एक देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, दो धारदार चाकू, तीन मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई है। वहीं गिरोह के दो अन्य सदस्य अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यदि समय रहते यह कार्रवाई नहीं की जाती, तो राजधानी के सबसे व्यस्त कारोबारी क्षेत्रों में से एक पंडरी में बड़ी डकैती की घटना सामने आ सकती थी। शुरुआती जांच से स्पष्ट हुआ है कि आरोपी लंबे समय से इस वारदात की योजना बना रहे थे और पूरी तैयारी के साथ मौके की तलाश में थे।

कई महीनों से चल रही थी डकैती की तैयारी

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह ने किसी आवेश में नहीं बल्कि पूरी रणनीति के साथ इस वारदात की योजना बनाई थी। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि गिरोह के एक सदस्य ने 1 अप्रैल 2026 को पंडरी स्थित कल्याण ज्वेलर्स की रेकी की थी।

रेकी के दौरान आरोपी ने दुकान की सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की गतिविधियां, ग्राहकों की आवाजाही, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और आसपास के मार्गों का बारीकी से निरीक्षण किया। इतना ही नहीं, वारदात के बाद सुरक्षित तरीके से भाग निकलने के संभावित रास्तों का भी अध्ययन किया गया।

पुलिस के अनुसार यह गिरोह किसी भी प्रकार की चूक नहीं चाहता था और इसी वजह से कई बार इलाके की निगरानी की गई।

मोबाइल फोन से साझा की जा रही थीं रेकी की तस्वीरें

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के दो फरार सदस्य लगातार मोबाइल फोन के माध्यम से गिरफ्तार आरोपियों के संपर्क में थे। रेकी के दौरान ली गई तस्वीरें और वीडियो मोबाइल के जरिए एक-दूसरे को भेजे जा रहे थे।

इन तस्वीरों के आधार पर दुकान के अंदर प्रवेश करने, हथियारों के इस्तेमाल, कर्मचारियों को काबू में करने और लूट के बाद भागने तक की पूरी रणनीति तैयार की जा रही थी। पुलिस का मानना है कि आरोपी किसी भी दिन इस वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।

गुढ़ियारी पुलिस की सतर्कता से टली बड़ी घटना

सूत्रों के मुताबिक पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद गुढ़ियारी थाना पुलिस ने तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। संदिग्धों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को दबोच लिया।

गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से बरामद हथियारों ने इस बात की पुष्टि कर दी कि वे किसी बड़ी आपराधिक वारदात की तैयारी में थे।

आरोपियों के पास से क्या-क्या बरामद हुआ?

पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से निम्न सामग्री बरामद की गई—

  • एक देशी पिस्टल
  • दो जिंदा कारतूस
  • दो धारदार चाकू
  • तीन मोबाइल फोन
  • नकदी
  • वारदात की योजना से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य

बरामद मोबाइल फोन पुलिस के लिए अहम सबूत साबित हो सकते हैं। इनमें मौजूद कॉल डिटेल, चैट, फोटो और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड से फरार आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिलने की संभावना है।

दो आरोपी अब भी फरार

पुलिस ने बताया कि गिरोह के दो सदस्य अभी गिरफ्त से बाहर हैं। उनकी पहचान कर ली गई है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या इस गिरोह का संबंध किसी अंतरराज्यीय अपराधी नेटवर्क से है या फिर इन लोगों ने पहले भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है।

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला

गुढ़ियारी थाना में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 321/2026 दर्ज किया गया है।

पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 310(4) (डकैती का प्रयास) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया है।

अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हथियार कहां से लाए गए, गिरोह में कुल कितने सदस्य शामिल हैं और क्या उन्होंने पहले भी किसी अन्य शहर में ऐसी वारदात को अंजाम दिया है।

राजधानी में ज्वेलरी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने राजधानी रायपुर के प्रमुख ज्वेलरी शोरूमों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है। हालांकि इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने बड़ी वारदात को रोक दिया, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि महंगे आभूषणों के प्रतिष्ठानों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।

ज्वेलरी कारोबारियों का कहना है कि आधुनिक सीसीटीवी, प्रशिक्षित सुरक्षा गार्ड, डिजिटल अलार्म सिस्टम और पुलिस के साथ बेहतर समन्वय से ऐसी घटनाओं की आशंका को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

प्रोएक्टिव पुलिसिंग का दिखा असर

हाल के समय में रायपुर पुलिस द्वारा अपराध नियंत्रण के लिए लगातार तकनीकी निगरानी, मुखबिर नेटवर्क और विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। कल्याण ज्वेलर्स डकैती की साजिश का समय रहते खुलासा इसी सक्रिय रणनीति का परिणाम माना जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि आरोपियों ने हथियार किस माध्यम से हासिल किए और क्या किसी अन्य व्यक्ति ने उन्हें आर्थिक या तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई थी।

फिलहाल तीनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है, जबकि फरार दोनों आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर मामले का पूर्ण खुलासा किया जाएगा।

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