गरियाबंद में दर्दनाक हादसा: उफनते सरगी नाला को पार करते समय बहा व्यक्ति, 5 किलोमीटर दूर मिला शव; बारिश के बीच प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

गरियाबंद जिले में लगातार बारिश के बीच बड़ा हादसा सामने आया। सहसपुर निवासी थनवार यादव सरगी नाला पार करते समय तेज बहाव में बह गए, जिनका शव 5 किलोमीटर दूर बरामद हुआ। सिकासेर बांध से 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन ने नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।

गरियाबंद CHHATTISHGARH (प्रखर न्यूज 24) छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के बीच गरियाबंद जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और कई जगहों पर जलस्तर बढ़ने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसी बीच सहसपुर क्षेत्र में एक व्यक्ति की नाला पार करने के दौरान तेज बहाव में बह जाने से मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, सहसपुर निवासी थनवार यादव सरगी नाला पार करने की कोशिश कर रहे थे। बारिश के कारण नाले में पानी का बहाव काफी तेज था। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे पानी के तेज बहाव में बह गए। आसपास मौजूद लोगों ने घटना को देखा, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि तत्काल उन्हें बचाया नहीं जा सका।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और प्रशासनिक टीम ने उनकी तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद करीब 5 किलोमीटर दूर उनका शव बरामद किया गया। हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में छोटे-बड़े नदी-नालों में अचानक पानी बढ़ जाता है, जिससे ऐसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

तेज बारिश के कारण बढ़ा नदियों और नालों का जलस्तर

गरियाबंद जिले सहित प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाला पानी नदी-नालों में तेजी से पहुंच रहा है। कई छोटे नाले और पुल-पुलिया जलमग्न हो गए हैं।

मानसून के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर लोग रोजमर्रा के कामों के लिए नदी और नालों को पार करते हैं, लेकिन अचानक बढ़े जलस्तर और तेज बहाव के कारण दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे उफनते नदी-नालों को पार करने का जोखिम न उठाएं।

सिकासेर बांध से छोड़ा गया 15 हजार क्यूसेक पानी, पैरी नदी किनारे अलर्ट

लगातार बारिश के चलते सिकासेर (सिकासार) बांध से करीब 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बांध से पानी छोड़े जाने के बाद पैरी नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचें। इसके अलावा अनावश्यक आवाजाही नहीं करने और मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

अधिकारियों ने ग्रामीणों से कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग को सूचना दें। बारिश के मौसम में छोटी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

ग्रामीण इलाकों में बढ़ी परेशानी, प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

बारिश के कारण जिले के कई ग्रामीण इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है। छोटे पुलों और रपटों पर पानी आने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और स्थानीय अमला लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

आपदा प्रबंधन टीमों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

बारिश में सावधानी बरतना जरूरी

विशेषज्ञों और प्रशासन का मानना है कि मानसून के दौरान नदी-नालों के आसपास विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। कई बार सामान्य दिखाई देने वाले जलस्रोत भी तेज बहाव के कारण खतरनाक हो जाते हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिना जानकारी के पानी पार करना जानलेवा साबित हो सकता है।

गरियाबंद की इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि बारिश के मौसम में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। लोगों को प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना चाहिए और उफनते जलस्रोतों को पार करने से बचना चाहिए।

फिलहाल प्रशासन ने जिले में निगरानी बढ़ा दी है और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को लगातार सतर्क रहने की अपील की जा रही है।

 

 

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