रायगढ़ के कूपाकानी स्कूल में साइकिल वितरण के दौरान बवाल, गुणवत्ता पर सवाल उठाने वाले रवि भगत हिरासत में

रायगढ़ जिले के लैलूंगा स्थित शासकीय हाई स्कूल कूपाकानी में सरस्वती साइकिल योजना के तहत वितरण के दौरान साइकिलों की गुणवत्ता को लेकर विवाद हो गया। पूर्व भाजयुमो नेता रवि भगत ने सवाल उठाते हुए वितरण रोका, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। जानिए पूरा मामला।

लैलूंगा (रायगढ़) CHHATTISHGARH (प्रखर न्यूज 24) छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र में मंगलवार को शासकीय हाई स्कूल कूपाकानी में आयोजित साइकिल वितरण कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया, जब साइकिलों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे। शासन की सरस्वती साइकिल योजना के तहत छात्राओं को नि:शुल्क साइकिल वितरण किया जाना था, लेकिन कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही पूर्व भाजयुमो नेता रवि भगत ने साइकिलों की गुणवत्ता पर आपत्ति जताते हुए वितरण प्रक्रिया रोक दी।

मामला बढ़ने के बाद स्कूल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची लैलूंगा पुलिस ने रवि भगत को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।


सात छात्राओं को दी जानी थी योजना के तहत साइकिल

जानकारी के अनुसार, शासकीय हाई स्कूल कूपाकानी में मंगलवार को सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत छात्राओं को साइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण और दूर-दराज क्षेत्रों में पढ़ने वाली छात्राओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि दूरी की वजह से उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।

कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधन के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया था। कुल सात छात्राओं को योजना के तहत साइकिल प्रदान की जानी थी। कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और छात्राएं साइकिल मिलने का इंतजार कर रही थीं।

लेकिन इसी दौरान पूर्व भाजयुमो नेता रवि भगत ने साइकिलों को देखकर उनकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए।


साइकिल के ब्रांड और गुणवत्ता को लेकर उठाए सवाल

पूर्व भाजयुमो नेता रवि भगत का आरोप है कि वितरण के लिए लाई गई साइकिलों में गुणवत्ता को लेकर कई खामियां दिखाई दे रही हैं। उन्होंने दावा किया कि साइकिल के फ्रेम पर एक कंपनी का नाम लिखा हुआ है, जबकि उस पर लगे स्टिकर पर दूसरे ब्रांड का नाम अंकित है।

उन्होंने इस मामले में पारदर्शिता की मांग करते हुए साइकिलों की खरीद से संबंधित दस्तावेज और बिल प्रस्तुत करने की मांग की। रवि भगत का कहना था कि शासन की योजनाओं में मिलने वाली सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित होनी चाहिए, क्योंकि इसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलना है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर एक साइकिल की वास्तविक कीमत कितनी है और किस कंपनी से इसकी खरीदी की गई है, इसकी जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए।


स्कूल प्राचार्य ने दी योजना के नियमों की जानकारी

विवाद बढ़ने पर स्कूल के प्राचार्य ने रवि भगत को समझाने का प्रयास किया। प्राचार्य ने बताया कि साइकिलें शासन की निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्कूल को प्राप्त हुई हैं और नियमानुसार छात्राओं को वितरित की जा रही हैं।

स्कूल प्रबंधन का कहना था कि योजना के तहत सामग्री शासन स्तर से उपलब्ध कराई जाती है और विद्यालय की जिम्मेदारी केवल निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वितरण करने की होती है।

हालांकि, रवि भगत अपनी मांग पर अड़े रहे। उन्होंने मौके पर ही उच्च अधिकारियों को बुलाने और साइकिलों की जांच कराने की मांग रखी। इस दौरान स्कूल परिसर में कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।


पुलिस को बुलाना पड़ा, रवि भगत हिरासत में

स्थिति बिगड़ती देख स्कूल प्राचार्य ने मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए लैलूंगा पुलिस थाने को भी सूचना दी गई।

सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत की। पुलिस ने विवाद को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन इसके बाद पूर्व भाजयुमो नेता रवि भगत को हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा सकते हैं।


सरस्वती साइकिल योजना को लेकर पहले भी उठते रहे हैं सवाल

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार की सरस्वती साइकिल योजना छात्राओं को शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित की जाती है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि कई छात्राओं को स्कूल तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

हालांकि, समय-समय पर सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी योजनाओं में केवल वितरण ही नहीं, बल्कि सामग्री की गुणवत्ता की नियमित जांच भी जरूरी है, ताकि लाभार्थियों को बेहतर सुविधा मिल सके।

कूपाकानी स्कूल का यह मामला भी अब इसी दिशा में चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक ओर रवि भगत ने गुणवत्ता जांच की मांग उठाई है, वहीं स्कूल प्रबंधन का कहना है कि साइकिलें शासन की प्रक्रिया के तहत प्राप्त हुई हैं।


आगे क्या होगा, जांच के बाद होगा स्पष्ट

फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि क्या वास्तव में वितरित की जा रही साइकिलों में गुणवत्ता संबंधी कोई कमी थी या फिर यह केवल आपत्ति तक सीमित मामला है। इसकी वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों की भूमिका अब महत्वपूर्ण हो गई है। यदि शिकायत सही पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो सकती है, वहीं यदि आरोप निराधार पाए जाते हैं तो स्थिति भी साफ हो जाएगी।

रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र में सामने आया यह मामला सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जरूरत को एक बार फिर सामने लाता है।

 

 

 

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