उर्जाधानी में आयोजित शतरंज स्पर्धा का हुआ सफल समापन, 120 खिलाड़ियों ने दिखाई प्रतिभा

कोरबा में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रोटरी क्लब ऑफ कोरबा एवं जिला शतरंज एसोसिएशन द्वारा आयोजित जिला स्तरीय शतरंज चैंपियनशिप का सफल समापन हुआ। प्रतियोगिता में 120 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। विजेताओं को कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने सम्मानित किया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

कोरबा। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कोरबा में आयोजित जिला स्तरीय शतरंज चैंपियनशिप का सफल समापन उत्साह और गरिमामय वातावरण में हुआ। रोटरी क्लब ऑफ कोरबा एवं जिला शतरंज एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता ने जिले के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी रणनीतिक क्षमता और मानसिक कौशल का प्रदर्शन करने का शानदार मंच प्रदान किया।

प्रतियोगिता में जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से कुल 120 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इनमें अंडर-11 वर्ग में 56 प्रतिभागी तथा ओपन वर्ग में 64 खिलाड़ी शामिल रहे। पूरे दिन चले मुकाबलों में खिलाड़ियों ने अपनी सूझबूझ, धैर्य और उत्कृष्ट खेल कौशल का परिचय दिया। प्रतियोगिता के दौरान हर मुकाबला रोमांच से भरपूर रहा और दर्शकों ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।


कारगिल विजय दिवस को समर्पित रहा आयोजन

इस प्रतियोगिता का आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे देश के वीर सैनिकों के सम्मान और कारगिल विजय दिवस की स्मृति को समर्पित किया गया। आयोजकों ने कहा कि शतरंज केवल मनोरंजन का खेल नहीं, बल्कि धैर्य, अनुशासन, रणनीति और निर्णय क्षमता विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। यही गुण सैनिकों और राष्ट्रनिर्माताओं में भी देखने को मिलते हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित अतिथियों और खिलाड़ियों ने देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को नमन करते हुए दो मिनट का मौन रखा।


डीएसपीएम के मुख्य अभियंता ने किया शुभारंभ

प्रतियोगिता का शुभारंभ डीएसपीएम के मुख्य अभियंता संजीव कंसल एवं आर्यन शिक्षण समिति के अध्यक्ष विक्रम अग्रवाल ने शतरंज की बिसात पर पहली चाल चलकर किया। इस प्रतीकात्मक शुरुआत के साथ प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ हुआ।

अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि शतरंज ऐसा खेल है जो बच्चों और युवाओं में तार्किक सोच, आत्मविश्वास, धैर्य तथा निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है। वर्तमान समय में शिक्षा के साथ-साथ ऐसे खेलों में भागीदारी भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।


दो वर्गों में हुए रोमांचक मुकाबले

प्रतियोगिता को दो प्रमुख वर्गों—अंडर-11 और ओपन कैटेगरी—में आयोजित किया गया।

अंडर-11 वर्ग में नन्हे खिलाड़ियों ने अपनी उम्र से कहीं अधिक परिपक्व खेल का प्रदर्शन कर सभी को प्रभावित किया। कई मुकाबलों में खिलाड़ियों ने कठिन परिस्थितियों से वापसी करते हुए जीत दर्ज की।

वहीं ओपन वर्ग में अनुभवी खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। कई मुकाबलों का परिणाम अंतिम चाल तक तय नहीं हो सका। खिलाड़ियों की रणनीति, संयम और मानसिक मजबूती ने प्रतियोगिता को बेहद रोमांचक बना दिया।


120 खिलाड़ियों की सहभागिता ने बढ़ाया आयोजन का गौरव

इस वर्ष प्रतियोगिता में रिकॉर्ड स्तर पर खिलाड़ियों की भागीदारी देखने को मिली। कुल 120 प्रतिभागियों की उपस्थिति ने यह साबित किया कि कोरबा जिले में शतरंज के प्रति युवाओं और बच्चों का रुझान लगातार बढ़ रहा है।

आयोजकों ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार प्रतिभागियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह जिले में शतरंज के प्रति बढ़ती जागरूकता और खेल संस्कृति के विस्तार का सकारात्मक संकेत है।


विजेताओं का हुआ सम्मान

 

प्रतियोगिता के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन रहे।

इस अवसर पर उन्होंने विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी, मेडल एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

अपने संबोधन में मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि—

“शतरंज ऐसा खेल है जो केवल जीत-हार नहीं सिखाता, बल्कि जीवन में सही समय पर सही निर्णय लेने की कला भी सिखाता है। कोरबा में इस प्रकार के आयोजनों से नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।”


इन विशिष्ट अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

समापन समारोह में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, सतनाम सिंह मल्होत्रा, प्रफुल्ल तिवारी, अजय विश्वकर्मा सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक, खेल प्रेमी, अभिभावक एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सभी अतिथियों ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के बौद्धिक खेलों को बढ़ावा देने से युवाओं में सकारात्मक सोच और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है।


रोटरी क्लब और जिला शतरंज एसोसिएशन की सराहनीय पहल

रोटरी क्लब ऑफ कोरबा एवं जिला शतरंज एसोसिएशन द्वारा किए गए संयुक्त आयोजन की खिलाड़ियों और अभिभावकों ने खुलकर प्रशंसा की। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं, समयबद्ध संचालन और निष्पक्ष निर्णायक मंडल की व्यवस्था की गई थी।

आयोजकों ने बताया कि भविष्य में राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए भी कोरबा को तैयार करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जाएंगे। जिले के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं का अवसर उपलब्ध कराने की योजना भी बनाई जा रही है।


बच्चों में बढ़ रहा शतरंज का क्रेज

 

प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में छोटे बच्चों की भागीदारी यह दर्शाती है कि अब अभिभावक भी शतरंज जैसे बौद्धिक खेलों को प्राथमिकता दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शतरंज बच्चों की एकाग्रता, स्मरण शक्ति, विश्लेषण क्षमता और समस्या समाधान कौशल को मजबूत बनाता है।

कोरबा में लगातार आयोजित हो रही ऐसी प्रतियोगिताएं आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।


खेल के माध्यम से राष्ट्रभक्ति का संदेश

कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आयोजित इस प्रतियोगिता ने केवल खेल भावना को ही नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और समर्पण का संदेश भी दिया। खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और यह साबित किया कि खेल केवल जीतने का माध्यम नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का सबसे प्रभावी रास्ता भी है।

प्रतियोगिता के सफल आयोजन के साथ आयोजकों ने भविष्य में और भी बड़े स्तर पर शतरंज प्रतियोगिताएं आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

 

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