बालको में कांग्रेस का केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन: NEET पेपर लीक, छात्रों पर कार्रवाई और राहुल गांधी की गिरफ्तारी को लेकर गरजे कार्यकर्ता

बालको में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने NEET पेपर लीक, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

कोरबा/बालको CHHATTISHGARH (प्रखर न्यूज 24) प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश और जिला कांग्रेस कमेटी के मार्गदर्शन में गुरुवार को बालको स्थित ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने NEET परीक्षा पेपर लीक प्रकरण, छात्रों के आंदोलन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई तथा कांग्रेस नेता राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में कांग्रेस के पदाधिकारी, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस और विभिन्न प्रकोष्ठों के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

धरना-प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली में सुधार तथा छात्रों के साथ न्याय सुनिश्चित करने की मांग की। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने कहा कि देश के युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने लाखों अभ्यर्थियों का विश्वास कमजोर किया है। ऐसे मामलों में जवाबदेही तय करने के बजाय सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।

NEET पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना

धरना को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में पेपर लीक जैसी घटनाओं ने शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लाखों छात्र-छात्राएं वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन यदि परीक्षा की निष्पक्षता पर ही सवाल उठने लगें तो इससे युवाओं का मनोबल टूटता है।

वक्ताओं ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित होनी चाहिए, ताकि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों को न्याय मिल सके। उन्होंने केंद्र सरकार से ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

छात्रों पर कार्रवाई को लेकर जताया विरोध

धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का भी विरोध किया। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार है।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई की गई, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए।

राहुल गांधी की गिरफ्तारी पर भी जताई नाराजगी

धरना के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेता राहुल गांधी की गिरफ्तारी को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की। वक्ताओं ने कहा कि विपक्ष के नेताओं के खिलाफ की जा रही कार्रवाई लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का संकेत देती है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने के प्रयास लोकतंत्र को कमजोर करते हैं और जनता ऐसे कदमों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी। कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की उठी मांग

धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उनका कहना था कि लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के कारण शिक्षा मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं कर पाती है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की भी मांग की।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग

धरना के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि केवल दोषियों पर कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे परीक्षा तंत्र को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने मांग की कि भविष्य में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर ठोस कदम उठाए जाएं।

कार्यकर्ताओं का कहना था कि देश के करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रतियोगी परीक्षाओं पर निर्भर करता है, इसलिए सरकार को इस विषय को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।

बड़ी संख्या में शामिल हुए कांग्रेस कार्यकर्ता

 

धरना-प्रदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, जिला कांग्रेस कमेटी, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस सहित पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान शांतिपूर्ण तरीके से धरना दिया गया और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि छात्रों के हितों की अनदेखी जारी रही और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कांग्रेस आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक रूप देगी।

लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का दावा

धरना के समापन पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी विद्यार्थियों और युवाओं के हितों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज उठाना विपक्ष का दायित्व है और कांग्रेस इस जिम्मेदारी का निर्वहन करती रहेगी।

नेताओं ने स्पष्ट किया कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर पार्टी आगे भी जनजागरण अभियान और लोकतांत्रिक विरोध कार्यक्रम आयोजित करेगी। उन्होंने सरकार से छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेने, परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की।

बालको में आयोजित यह धरना-प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता और छात्रों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस की ओर से किया गया विरोध कार्यक्रम रहा। प्रदर्शन के दौरान पार्टी ने NEET पेपर लीक, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और राहुल गांधी की गिरफ्तारी जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार से जवाबदेही की मांग की। वहीं यह भी स्पष्ट किया कि यदि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा।

 

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