कोरबा-चांपा हाईवे स्थित प्रकाश इंडस्ट्रीज में बड़ा औद्योगिक हादसा: फर्नेस पंचर होने से तीन ठेका मजदूर गंभीर रूप से झुलसे, भिलाई रेफर

कोरबा-चांपा राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड में फर्नेस पंचर होने से बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। घटना में तीन ठेका मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद भिलाई रेफर किया गया। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

कोरबा CHHATTISHGARH (प्रखर न्यूज 24) छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र से शुक्रवार को एक गंभीर हादसे की खबर सामने आई है। कोरबा-चांपा राष्ट्रीय राजमार्ग पर संचालित प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड के संयंत्र में फर्नेस पंचर होने से तीन ठेका मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद पूरे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों और सुरक्षा टीम ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायल मजदूरों को कंपनी के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।

प्राथमिक उपचार के बाद तीनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें कंपनी की एंबुलेंस से जवाहरलाल नेहरू अस्पताल, सेक्टर-9, भिलाई रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज जारी है।


आईएफडी के 15 टन ओल्ड शेड में हुआ हादसा

मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड के आईएफडी (IFD) स्थित 15 टन ओल्ड शेड में हुआ। यहां संचालित फर्नेस क्रमांक D-1 अचानक पंचर हो गया। बताया जा रहा है कि उस समय फर्नेस के पास नियमित उत्पादन कार्य चल रहा था और तीन ठेका मजदूर अपने निर्धारित दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे।

फर्नेस पंचर होने के साथ ही अत्यधिक गर्म धातु एवं तेज तापमान के संपर्क में आने से तीनों मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद कर्मचारियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हालांकि, संयंत्र की सुरक्षा टीम ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित करते हुए घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला।


घायल मजदूरों की हुई पहचान

हादसे में घायल तीनों मजदूर निजी ठेका कंपनी के माध्यम से प्रकाश इंडस्ट्रीज में कार्यरत बताए जा रहे हैं। उनकी पहचान इस प्रकार हुई है—

  • गेंद राम पटेल – निवासी पलारी खुर्द
  • नर्मदा प्रसाद पटेल – निवासी पलारी खुर्द
  • पंचराम यादव – निवासी चांपा

तीनों मजदूर पेंचिंग बारी मेन के पद पर कार्यरत थे और नियमित उत्पादन प्रक्रिया के दौरान अपनी ड्यूटी निभा रहे थे।


प्राथमिक उपचार के बाद भिलाई किया गया रेफर

हादसे के तुरंत बाद कंपनी प्रबंधन ने घायलों को संयंत्र के व्यावसायिक स्वास्थ्य केंद्र (Occupational Health Centre) पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया।

मजदूरों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कंपनी की एंबुलेंस के माध्यम से जवाहरलाल नेहरू अस्पताल, सेक्टर-9, भिलाई भेजा गया। फिलहाल अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।


हादसे के बाद संयंत्र में मचा हड़कंप

घटना के बाद पूरे संयंत्र में कुछ समय के लिए कामकाज प्रभावित रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार फर्नेस पंचर होने के साथ ही तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल प्रभावित क्षेत्र को खाली कराया और अन्य कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा।

संयंत्र के अंदर मौजूद आपातकालीन सुरक्षा दल ने निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया, जिससे किसी बड़े नुकसान की आशंका टल गई।


फर्नेस पंचर कैसे हुआ, जांच के बाद होगा खुलासा

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि फर्नेस में पंचर किन परिस्थितियों में हुआ। प्रारंभिक स्तर पर तकनीकी खराबी की संभावना जताई जा रही है, लेकिन वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।

सूत्रों के अनुसार कंपनी प्रबंधन ने घटना की आंतरिक जांच शुरू कर दी है। तकनीकी विशेषज्ञ फर्नेस की स्थिति, सुरक्षा उपकरणों और संचालन प्रक्रिया की जांच कर रहे हैं ताकि हादसे की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके।


औद्योगिक सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस हादसे के बाद एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। भारी उद्योगों में उच्च तापमान वाले फर्नेस के संचालन के दौरान नियमित निरीक्षण, समय-समय पर तकनीकी परीक्षण तथा सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक मानी जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की घटनाओं की रोकथाम के लिए केवल मशीनों का रखरखाव ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कर्मचारियों को नियमित सुरक्षा प्रशिक्षण, आपातकालीन अभ्यास और आधुनिक सुरक्षा तकनीकों से भी लैस किया जाना चाहिए।


श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत श्रमिक अत्यधिक जोखिम वाले वातावरण में अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की तकनीकी लापरवाही गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।

स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों का कहना है कि घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी प्रकार की तकनीकी या प्रबंधन संबंधी कमी सामने आती है तो आवश्यक सुधारात्मक कदम तत्काल उठाए जाने चाहिए। साथ ही घायल मजदूरों को बेहतर चिकित्सा सुविधा और सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।


फिलहाल उपचार जारी, स्वास्थ्य पर बनी हुई नजर

घटना के बाद घायल मजदूरों के परिजनों को भी सूचना दे दी गई है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार तीनों का इलाज जारी है और चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उनकी हालत के संबंध में विस्तृत मेडिकल बुलेटिन का इंतजार किया जा रहा है।

दूसरी ओर, प्रकाश इंडस्ट्रीज परिसर में भी सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया है तथा प्रभावित फर्नेस के संचालन को फिलहाल रोककर तकनीकी निरीक्षण किया जा रहा है।

 

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