रायपुर के ग्राम बरौदा में छत्तीसगढ़ झेरिया यादव समाज का प्रदेश स्तरीय यादव महासम्मेलन और सामाजिक भवन लोकार्पण समारोह भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित कई जनप्रतिनिधि हुए शामिल।
रायपुर CHHATTISHGARH (प्रखर न्यूज 24) । छत्तीसगढ़ की सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा देने वाला एक भव्य आयोजन रायपुर जिले के ग्राम बरौदा में देखने को मिला, जहां छत्तीसगढ़ झेरिया यादव समाज के तत्वावधान में प्रदेश स्तरीय आमसभा, यादव महासम्मेलन एवं नवनिर्मित सामाजिक भवन के लोकार्पण समारोह का आयोजन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में समाज के पदाधिकारी, मातृशक्ति, युवा, वरिष्ठजन और समाजबंधु शामिल हुए। पूरे आयोजन में सामाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक गौरव और भविष्य की पीढ़ी को संगठित करने का संदेश प्रमुखता से दिखाई दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रहे। उनके साथ कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा, क्षेत्रीय विधायक अनुज शर्मा, चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
भगवान श्रीकृष्ण की पूजा से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संस्कृति और यादव समाज की परंपराओं के अनुरूप भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा पर माल्यार्पण, पूजा-अर्चना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। धार्मिक अनुष्ठान के बाद उपस्थित अतिथियों और समाज के वरिष्ठजनों ने प्रदेश के विकास, सामाजिक समरसता और समाज की निरंतर प्रगति की कामना की।
पूरे परिसर में पारंपरिक लोक संस्कृति की झलक दिखाई दी। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में आयोजन की गरिमा बढ़ाई, जबकि युवाओं ने स्वागत व्यवस्था और आयोजन संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई।
पारंपरिक सम्मान ने बढ़ाई समारोह की गरिमा
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक पहलू यादव समाज की पारंपरिक सम्मान संस्कृति रही। समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों का स्वागत मक्खन निकालने वाले पारंपरिक ‘खैलर’ तथा यादव समाज के पारंपरिक वाद्य यंत्र भेंट कर किया। इसके साथ ही अतिथियों को शॉल, श्रीफल, पुष्पमालाएं और स्मृति-चिह्न देकर आत्मीय अभिनंदन किया गया।
यह सम्मान केवल औपचारिकता नहीं था, बल्कि समाज की सांस्कृतिक विरासत और अपनी परंपराओं के प्रति सम्मान का प्रतीक भी बना।
सामाजिक भवन बना समाज के लिए नई पहचान
समारोह का मुख्य आकर्षण नवनिर्मित सामाजिक भवन का लोकार्पण रहा। इस भवन को समाज के सामूहिक कार्यक्रमों, बैठकों, सांस्कृतिक आयोजनों, शैक्षणिक गतिविधियों और सामाजिक संवाद के केंद्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है।
समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से एक ऐसे भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जहां समाज के लोग एक मंच पर आकर अपने सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित कर सकें। अब यह भवन आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उपयोगी साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने सामाजिक एकता और शिक्षा पर दिया जोर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में समाज की एकता, शिक्षा और संगठन की भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक ताकत उसकी शिक्षा, सामाजिक समरसता और युवाओं की सकारात्मक भागीदारी में होती है।
उन्होंने सामाजिक भवन के निर्माण को एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए आशा व्यक्त की कि यह भवन समाज के विकास, संवाद और नई पीढ़ी को प्रेरित करने का केंद्र बनेगा।
मुख्यमंत्री ने समाज के लोगों से शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक जिम्मेदारियों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान भी किया।
जनप्रतिनिधियों ने समाज के योगदान को सराहा
समारोह में उपस्थित विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने यादव समाज के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज ने हमेशा विकास और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
वक्ताओं ने युवाओं से शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और सामाजिक नेतृत्व में आगे आने का आह्वान किया। साथ ही महिलाओं की भागीदारी को समाज की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बताया गया।
प्रदेशभर से पहुंचे समाजबंधु
इस प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में रायपुर, बलौदाबाजार, महासमुंद, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, कोरबा, रायगढ़, सरगुजा, बस्तर सहित विभिन्न जिलों से समाज के प्रतिनिधि पहुंचे।
हजारों लोगों की उपस्थिति ने इस आयोजन को प्रदेश के बड़े सामाजिक सम्मेलनों में शामिल कर दिया। आयोजन स्थल पर अनुशासित व्यवस्था, सांस्कृतिक वातावरण और सामाजिक संवाद का माहौल पूरे दिन बना रहा।
युवाओं और मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली। विभिन्न समितियों के माध्यम से युवाओं ने आयोजन की व्यवस्थाओं को संभाला, जबकि मातृशक्ति ने पारंपरिक स्वागत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि किसी भी सामाजिक संगठन की मजबूती तभी संभव है जब नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी रहे।
सामाजिक सम्मेलन क्यों हैं महत्वपूर्ण?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के सामाजिक सम्मेलन केवल सामूहिक मिलन का अवसर नहीं होते, बल्कि समाज के भीतर संवाद, सहयोग और संगठन की भावना को मजबूत करते हैं।
ऐसे आयोजनों के माध्यम से—
- सामाजिक एकता को बढ़ावा मिलता है।
- युवा पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।
- शिक्षा और सामाजिक सुधार पर चर्चा होती है।
- सामुदायिक विकास की नई योजनाओं को दिशा मिलती है।
समाज के भविष्य को लेकर साझा हुआ विजन
कार्यक्रम में समाज के विभिन्न पदाधिकारियों ने भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की। शिक्षा, छात्रावास, सामाजिक सहयोग, प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान, सामूहिक विवाह और समाज के आर्थिक सशक्तिकरण जैसे विषयों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि बदलते समय के साथ समाज को आधुनिक शिक्षा, तकनीक और रोजगार के क्षेत्र में भी आगे बढ़ना होगा, तभी सामाजिक प्रगति का सपना साकार होगा।
रायपुर के ग्राम बरौदा में आयोजित प्रदेश स्तरीय यादव महासम्मेलन और सामाजिक भवन लोकार्पण समारोह केवल एक सामाजिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह समाज की एकता, सांस्कृतिक विरासत और विकास के सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनकर सामने आया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित अनेक जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। वहीं हजारों समाजबंधुओं की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि सामाजिक संगठन तभी मजबूत होते हैं जब उनमें परंपरा, शिक्षा, युवा शक्ति और सामूहिक नेतृत्व का संतुलन बना रहे।
आने वाले समय में यह नवनिर्मित सामाजिक भवन समाज के लिए संवाद, सहयोग और सामाजिक विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनने की उम्मीद है।

