बांगो बांध से पानी छोड़े जाने के संकेत: हसदेव नदी किनारे अलर्ट जारी, ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील; जलस्तर बढ़ने पर खुल सकते हैं गेट

कोरबा के मिनीमाता बांगो बांध में जलस्तर बढ़ने के बाद गेट खोलने की संभावना बनी। हसदेव नदी किनारे बसे गांवों, उद्योगों और खदान संचालकों को अलर्ट जारी, सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील।

 कोरबा CHHATTISHGARH,KORBA (प्रखर न्यूज 24)छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के बीच कोरबा जिले के मिनीमाता हसदेव बांगो बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने एहतियाती अलर्ट जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि जलाशय का जलस्तर निर्धारित सीमा तक पहुंचता है तो बांध के गेट खोलकर हसदेव नदी में पानी छोड़ा जा सकता है।

हालांकि अभी तक गेट नहीं खोले गए हैं, लेकिन प्रशासन ने संभावित स्थिति को देखते हुए हसदेव नदी के किनारे रहने वाले ग्रामीणों, औद्योगिक इकाइयों, खदान संचालकों और अन्य संबंधित संस्थानों को पहले से सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि समय रहते सावधानी बरतने से किसी भी प्रकार की जन-धन हानि को रोका जा सकता है।


तेजी से बढ़ रहा है बांगो जलाशय का जलस्तर

मिनीमाता हसदेव बांगो बांध संभाग क्रमांक-03 माचाडोली के कार्यपालन अभियंता एस.के. भारती ने जानकारी देते हुए बताया कि लगातार वर्षा के कारण जलाशय में पानी की आवक लगातार बनी हुई है।

विभाग के अनुसार वर्तमान में जलाशय का जलस्तर 354.61 मीटर दर्ज किया गया है, जो इसकी कुल क्षमता का लगभग 71.67 प्रतिशत है।

अधिकारियों ने बताया कि यदि जलस्तर बढ़कर 359.66 मीटर तक पहुंचता है, तो जलाशय की सुरक्षा और जल प्रबंधन के मद्देनजर गेट खोलकर अतिरिक्त पानी हसदेव नदी में छोड़ा जा सकता है।

यही कारण है कि प्रशासन ने संभावित स्थिति को देखते हुए पहले से चेतावनी जारी कर दी है।


हसदेव नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह

जल संसाधन विभाग ने विशेष रूप से उन ग्रामीणों और परिवारों को सावधानी बरतने की अपील की है, जिनके घर, खेत या अन्य संपत्तियां हसदेव नदी के बाढ़ संभावित क्षेत्र में स्थित हैं।

विभाग ने लोगों से कहा है कि—

  • नदी किनारे रखी कृषि सामग्री और मशीनरी को सुरक्षित स्थान पर ले जाएं।
  • पशुओं को ऊंचे स्थानों पर रखें।
  • नदी के बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रखें।
  • प्रशासन की चेतावनी और निर्देशों का पालन करें।
  • अनावश्यक रूप से नदी के आसपास जाने से बचें।

प्रशासन का मानना है कि समय रहते सतर्कता बरतने से किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सकता है।


खनन कंपनियों और उद्योगों को भी किया गया अलर्ट

हसदेव नदी के किनारे संचालित होने वाली खनिज खदानों, औद्योगिक इकाइयों और अन्य संस्थानों को भी विभाग ने औपचारिक रूप से सूचना जारी की है।

निर्देश दिए गए हैं कि—

  • नदी किनारे रखी मशीनरी और उपकरण सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाएं।
  • बाढ़ संभावित क्षेत्र में रखी सामग्री को तत्काल हटाया जाए।
  • कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
  • आवश्यक होने पर वैकल्पिक व्यवस्था पहले से तैयार रखी जाए।

यह कदम संभावित जलभराव की स्थिति में आर्थिक नुकसान को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।


बाढ़ क्षेत्र के गांवों में होगी मुनादी

जल संसाधन विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ संभावित गांवों में पारंपरिक मुनादी के माध्यम से लोगों को चेतावनी दी जाए।

इसके अलावा स्थानीय प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को भी आवश्यक सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

ग्रामीणों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।


जल संसाधन विभाग ने क्या कहा?

कार्यपालन अभियंता एस.के. भारती ने स्पष्ट किया है कि यह चेतावनी पूरी तरह एहतियात के तौर पर जारी की गई है।

उन्होंने कहा कि यदि जलाशय का स्तर निर्धारित सीमा तक पहुंचता है, तभी गेट खोलने का निर्णय लिया जाएगा।

साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अचानक आने वाली बाढ़ या जल प्रवाह से होने वाली किसी भी संभावित क्षति के लिए विभाग जिम्मेदार नहीं होगा। इसलिए सभी संबंधित पक्षों से पहले ही आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की अपील की गई है।


बारिश के मौसम में क्यों जरूरी है सतर्कता?

मानसून के दौरान बड़े बांधों में जलभराव तेजी से बढ़ता है। लगातार बारिश होने पर अतिरिक्त पानी छोड़ना कई बार बांध की सुरक्षा के लिए आवश्यक हो जाता है।

ऐसी स्थिति में नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की संभावना रहती है।

यही वजह है कि प्रशासन गेट खोलने से पहले ही लोगों को सतर्क कर देता है, ताकि उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।


क्या करें और क्या न करें?

प्रशासन ने नागरिकों से कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने की अपील की है—

क्या करें

  • प्रशासन की आधिकारिक सूचना पर नजर रखें।
  • बच्चों और बुजुर्गों को नदी किनारे न जाने दें।
  • जरूरी दस्तावेज और कीमती सामान सुरक्षित स्थान पर रखें।
  • आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और पुलिस के निर्देशों का पालन करें।

क्या न करें

  • तेज बहाव वाले नालों या नदी को पार करने का प्रयास न करें।
  • अफवाहों को सोशल मीडिया पर साझा न करें।
  • नदी किनारे फोटो या वीडियो बनाने के लिए भीड़ न लगाएं।
  • चेतावनी के बावजूद बाढ़ क्षेत्र में प्रवेश न करें।

प्रशासन की प्राथमिकता: जन-धन की सुरक्षा

जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। मौसम विभाग से प्राप्त अपडेट और जलाशय में पानी की आवक के आधार पर आगे के निर्णय लिए जाएंगे।

यदि गेट खोलने की आवश्यकता होगी तो इसकी सूचना समय रहते सार्वजनिक माध्यमों से जारी की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना से बचा जा सके।

मिनीमाता हसदेव बांगो बांध में लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए जारी किया गया अलर्ट एहतियाती कदम है। फिलहाल गेट खोलने का निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन जलस्तर निर्धारित सीमा तक पहुंचने पर अतिरिक्त पानी छोड़ा जा सकता है।

ऐसे में हसदेव नदी किनारे रहने वाले लोगों, किसानों, उद्योगों और खदान संचालकों के लिए प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है। समय पर सावधानी और प्रशासन के निर्देशों का पालन ही संभावित नुकसान को कम करने का सबसे प्रभावी उपाय है।

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