बस्तर के नगर थाना क्षेत्र में बदमाशों ने एटीएम मशीन उखाड़कर कैश लूटने की कोशिश की, लेकिन कैश बॉक्स नहीं खोल सके। बाद में उसे बीच सड़क पर छोड़कर फरार हो गए। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है।
CHHATTISHGARH (प्रखर न्यूज 24) बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में देर रात एटीएम लूट की एक सुनियोजित कोशिश उस समय विफल हो गई, जब बदमाश पूरी तैयारी के साथ एटीएम मशीन उखाड़कर ले जाने के बावजूद उसमें रखी नकदी तक नहीं पहुंच सके। काफी देर तक कैश बॉक्स खोलने की कोशिश करने के बाद जब सफलता नहीं मिली तो आरोपी उसे बीच सड़क पर ही छोड़कर फरार हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
यह घटना नगर थाना क्षेत्र के नगर बाजार की है, जहां स्थित एक एटीएम को निशाना बनाया गया। प्रारंभिक जांच से यह साफ है कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले पूरी योजना बनाई थी। हालांकि, एटीएम की सुरक्षा प्रणाली और कैश बॉक्स की मजबूत संरचना उनके इरादों के बीच सबसे बड़ी बाधा बन गई।
देर रात सुनसान का फायदा उठाकर की वारदात
जानकारी के अनुसार, देर रात जब बाजार पूरी तरह शांत था और लोगों की आवाजाही लगभग बंद हो चुकी थी, उसी दौरान कुछ अज्ञात बदमाश एटीएम के पास पहुंचे। शुरुआती जांच से प्रतीत होता है कि आरोपी अपने साथ ऐसे उपकरण लेकर आए थे, जिनकी मदद से एटीएम मशीन को उसके आधार से उखाड़ा गया।
इसके बाद मशीन को वहां से हटाकर ऐसी जगह ले जाया गया, जहां बिना किसी बाधा के कैश बॉक्स खोलने का प्रयास किया जा सके। हालांकि, काफी मशक्कत के बावजूद बदमाश कैश बॉक्स नहीं खोल पाए।
कैश बॉक्स खोलने में छूट गए पसीने
सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने कैश बॉक्स खोलने के लिए लंबे समय तक प्रयास किया। लेकिन सुरक्षा मानकों के अनुसार तैयार किए गए मजबूत कैश चेस्ट को तोड़ना उनके लिए आसान नहीं था।
जब उन्हें यह एहसास हुआ कि कैश बॉक्स खोलना संभव नहीं है और किसी भी समय पुलिस या स्थानीय लोग मौके पर पहुंच सकते हैं, तो उन्होंने जोखिम उठाने के बजाय कैश बॉक्स को बीच सड़क पर ही छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए।
सुबह लोगों ने देखा तो मच गई हलचल
सुबह जब स्थानीय लोगों की नजर सड़क पर पड़े कैश बॉक्स पर पड़ी तो इलाके में सनसनी फैल गई। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना तत्काल नगर थाना पुलिस को दी गई।

पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सड़क पर पड़े कैश बॉक्स को अपने कब्जे में लेकर पूरे घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच के दौरान आसपास से कई महत्वपूर्ण सुराग जुटाने का प्रयास किया गया।
पुलिस ने शुरू की गहन जांच
नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वारदात में कितने आरोपी शामिल थे। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है और वैज्ञानिक साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। जांच टीम वारदात से पहले और बाद में संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
सीसीटीवी फुटेज से मिल सकते हैं अहम सुराग
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुछ सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां दिखाई देने की जानकारी मिली है। इन फुटेज के आधार पर संभावित आरोपियों की पहचान की जा रही है।
इसके अलावा घटनास्थल तक आने-जाने वाले रास्तों के कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों के वाहन, उनके आने-जाने के समय और भागने के संभावित मार्ग का पता लगाया जा सके।
स्थानीय लोगों से भी पूछताछ जारी
जांच के दौरान पुलिस आसपास के दुकानदारों, सुरक्षा कर्मियों और स्थानीय निवासियों से भी पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि किसी प्रत्यक्षदर्शी या स्थानीय व्यक्ति से मिली छोटी-सी जानकारी भी जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
यदि किसी ने देर रात संदिग्ध वाहन या व्यक्तियों को देखा होगा, तो वह जानकारी आरोपियों तक पहुंचने में मददगार हो सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद इलाके में एटीएम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि रात के समय पर्याप्त निगरानी या सुरक्षा व्यवस्था होती तो इतनी बड़ी वारदात की कोशिश करना आसान नहीं होता।
विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों पर लगे एटीएम की नियमित निगरानी, उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे, अलार्म सिस्टम और त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया ऐसी घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बैंक और पुलिस के बीच समन्वय की जरूरत
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि एटीएम सुरक्षा केवल बैंक की जिम्मेदारी नहीं बल्कि स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के बेहतर समन्वय से ही मजबूत हो सकती है। आधुनिक सुरक्षा तकनीक, रियल-टाइम अलर्ट सिस्टम और नियमित निरीक्षण से ऐसी घटनाओं की संभावना काफी हद तक कम की जा सकती है।
जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस इस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों ने वारदात को किस तरह अंजाम दिया, क्या उन्होंने किसी वाहन का इस्तेमाल किया और क्या यह किसी संगठित गिरोह की करतूत है।
जांच पूरी होने और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही इस पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की जल्द पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा।
बस्तर में हुई यह घटना एक बार फिर यह संकेत देती है कि संगठित अपराधी लगातार नए तरीकों से वारदात को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि इस मामले में कैश बॉक्स की मजबूत सुरक्षा प्रणाली ने लाखों रुपये की संभावित लूट को विफल कर दिया, लेकिन यह घटना सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा और निगरानी की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।

