* एसईसीएल के रवैये से भू-विस्थापितों में बढ़ा आक्रोश
कोरबा: सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया के अधीन संचालित एसईसीएल बिलासपुर की कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित खुले मुहाने की गेवरा कोयला परियोजना अंतर्गत एसईसीएल की सभी मेगा परियोजना को 16 अप्रैल को एसईसीएल बंद के आव्हान पर कोयला खदानों में कोयला उत्पादन, मिट्टी उत्खनन और परिवहन कार्य में लगी गाड़ियों को रोककर बंद करा दिया गया। संभवतः एसईसीएल के विरुद्ध आंदोलनों में ऐसा पहली बार हुआ है जब माटीपुत्र भू-विस्थापितो के द्वारा जिले की कोयला खदानों को एक साथ खदान बंद करने आंदोलन किया।
एसईसीएल-कुसमुंडा के सभी आउटसोर्सिंग कंपनी के कर्मचारी, ठेका कामगारों ने आंदोलन के समर्थन में अपने ड्यूटी का बहिष्कार कर गाड़ियों को खड़ा कर दिया।
जानकारी के अनुसार कुसमुंडा क्षेत्र में अलसुबह 6 बजे से तो दीपका गेवरा क्षेत्र की खदानों में 8 बजे से आंदोलन शुरू हुआ। बताया जा रहा हैं की इसकी अगली कड़ी में कुसमुंडा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पाली, पडनिया, रिसदी, जटराज, खोडरी, गेवरा बस्ती सहित 7 से ज्यादा ग्राम के ग्रामीण इकट्ठा होकर एसईसीएल महाप्रबंधक का पुतला फुकेंगे साथ ही रैली निकाली जाएगी।
बताया जा रहा हैं की भिलाई बाजार के मुहाने को भी बंद कराया गया है। गेवरा खदान के नरईबोध, रलिया, आमगांव फेस को बंद करा दिया गया है। कोरबा क्षेत्र के सराईपाली परियोजना में अलसुबह से ही उत्पादन और परिवहन कार्य को रोककर धरना दिया जा रहा है। दीपका क्षेत्र में ग्राम आमगांव, दर्रा खांचा, मलगांव और सुवाभोंडी फेस खदान को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।

