भारत में शहरों और नदियों को देवी देवताओं के नाम से जाना जाता है. प्राचीन मान्यता है कि हर गांव की एक कुल देवी या देवता होते हैं. जो गांव की बाहरी विपदाओं से रक्षा करते हैं. इसी तरह कोरबा को भी मां सर्वमंगला की नगरी कहा जाता है. ऐसी मान्यता है कि सर्वमंगला मंदिर में पूरी श्रद्धा के साथ जो श्रद्धालु माथा टेकते हैं, उनकी मनोकामना जरूर पूरी होती है.:
कोरबा :नवरात्रि के पहले दिन कोरबा के मां सर्वमंगला मंदिर में भारी संख्या में भक्तों का जनसैलाब दिखा. मंदिर परिसर में हजारों की तादाद में मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए गए।मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित करने की परंपरा: यहां पीपल के पेड़ पर नारियल बांधने की परंपरा हो या फिर मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित करने की मान्यता । यही वजह है कि हर साल जब नवरात्रि आती है । तब कुछ मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित करने के लिए विदेशों से भी अर्जियां आती हैं. मंदिर के राजपुरोहित नमन पांडे ने बताया कि इस बार 4 विदेशी भक्तों के साथ 7700तेल ज्योति व 700घृत ज्योति कलश जलवाए गए हैं। जो भक्त मंदिर पहुंचे थे वे अपने अपने ज्योति कलश की पूजा कर प्रज्वलित किए। जो नही पहुंच पाए थे, उनके नाम के ज्योति कलश मंदिर प्रबंधन द्वारा प्रज्वलित किए गए। श्री पांडे ने यह भी बताया कि भीषण गर्मी को देखते हुए मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं प्रबंध किया गया है। पेय जल, भोग भंडारा सहित पार्किंग की व्यवस्था की गई है l
कोरबा वासियों की प्रथम आराध्य देवी, मां सर्वमंगला के मंदिर में भक्तों का तांता लगा हुआ है. हसदेव नदी के किनारे स्थित यह मंदिर न केवल कोरबा बल्कि पूरे देश और विदेश में अपनी महिमा के लिए जाना जाता है. मां सर्वमंगला के दरबार में भक्तों की अटूट आस्था का ही परिणाम है कि यहां मांगी गई हर मुराद पूरी होती है. यही कारण है कि राज्य और देश के कोने-कोने से ही नहीं, बल्कि सात समंदर पार से भी श्रद्धालु यहां माता के मंदिर में मनोकामना ज्योति कलश जलवाने आते हैं.लगभग 124 साल पुराने इस मंदिर को लेकर कोरबा वासियों की आस्था इतनी गहरी है कि हर नवरात्र के समय यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन लाभ लेने पहुंचते हैं।
4 विदेशी देवी भक्तों ने भी यहां ज्योत जलवाई
इस मंदिर की नवरात्रि यह भी खास है. मां सर्वमंगला के प्रति आस्था की डोर इतनी मजबूत है कि यह देश विदेश सीमाओं को भी पार कर जाती है . चैत्र नवरात्रि में ऑस्ट्रेलिया व सिंगापुर में रह रहे देवी भक्तों ने एक एक और अमेरिका मे, रहने वाले दो भक्तों ने ज्योति कलश जलवाए हैं।यह देखकर लगता है कि मां सर्वमंगला की कृपा और आशीर्वाद हर जगह अपने भक्तों पर बना हुआ है. यह सचमुच अद्भुत है कि आज के आधुनिक युग में भी लोगों की आस्था और विश्वास इतना अटूट है. मां सर्वमंगला का मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह एक ऐसा केंद्र भी है जो लोगों को जोड़ता है और उन्हें उम्मीद और शक्ति प्रदान करता है.

