कोरिया जिले में कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने ‘द कलेक्टर्स-15’ कार्यक्रम की शुरुआत कर मेधावी विद्यार्थियों को प्रशासन से जोड़ने की नई पहल की है। जानिए इस अभिनव कार्यक्रम का उद्देश्य, छात्रों को मिलने वाले अवसर और जिले की शिक्षा व्यवस्था में आने वाले सकारात्मक बदलाव।
कोरिया (वंदे छत्तीसगढ़ मीडिया)। किसी भी समाज का भविष्य उसकी युवा पीढ़ी पर निर्भर करता है। यदि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को समय पर सही मार्गदर्शन, उचित अवसर और प्रेरणा मिले तो वे न केवल अपने परिवार और जिले का नाम रोशन करते हैं, बल्कि देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी सोच को साकार करने के उद्देश्य से कोरिया जिले की कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने एक अभिनव और प्रेरणादायी पहल ‘द कलेक्टर्स-15’ की शुरुआत की है।
25 जुलाई को शुरू हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान करना नहीं है, बल्कि उन्हें प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जोड़ते हुए नेतृत्व क्षमता विकसित करना, जीवन के व्यावहारिक अनुभवों से परिचित कराना और उनके सपनों को नई दिशा देना है। यह पहल जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई सोच और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक बनकर सामने आई है।
शिक्षा को कक्षा से निकालकर वास्तविक जीवन से जोड़ने की पहल
आज के समय में केवल किताबों का ज्ञान सफलता की गारंटी नहीं माना जाता। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें वास्तविक जीवन की चुनौतियों, प्रशासनिक व्यवस्था और सामाजिक उत्तरदायित्व को भी समझना आवश्यक है। इसी सोच के साथ तैयार किया गया ‘द कलेक्टर्स-15’ कार्यक्रम विद्यार्थियों को केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि उन्हें प्रशासनिक कार्यों को करीब से देखने और समझने का अवसर भी देगा।
इस पहल के माध्यम से चयनित छात्र प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से संवाद करेंगे, विभिन्न विभागों के कार्यों को समझेंगे और शासन-प्रशासन की निर्णय प्रक्रिया को करीब से जान पाएंगे। इससे विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की समझ और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी।
मेधावी विद्यार्थियों को मिलेगा नया मंच

कोरिया जिले में वर्षों से अनेक छात्र अपनी प्रतिभा के बल पर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहे हैं। लेकिन अक्सर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन और प्रेरणा का अभाव महसूस होता है।
‘द कलेक्टर्स-15’ ऐसे ही विद्यार्थियों के लिए एक सशक्त मंच बनेगा, जहां उन्हें अनुभवी अधिकारियों से सीखने, अपने सवाल पूछने और अपने भविष्य की बेहतर योजना बनाने का अवसर मिलेगा। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को यह विश्वास दिलाएगा कि मेहनत, अनुशासन और सही दिशा के साथ कोई भी सपना असंभव नहीं होता।
प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच बनेगा सीधा संवाद

इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच सीधे संवाद की व्यवस्था की गई है। आमतौर पर विद्यार्थी प्रशासनिक अधिकारियों को केवल औपचारिक आयोजनों में देखते हैं, लेकिन इस पहल के माध्यम से वे अधिकारियों के अनुभव, संघर्ष और सफलता की कहानियों से भी प्रेरणा ले सकेंगे।
इस संवाद से विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान होगा और वे अपने करियर, प्रतियोगी परीक्षाओं, प्रशासनिक सेवाओं तथा अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए बेहतर मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे।
नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी पर रहेगा विशेष फोकस
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है। इसमें विद्यार्थियों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने, सामुदायिक नेतृत्व विकसित करने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।
विद्यार्थियों को यह समझाया जाएगा कि सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होती, बल्कि समाज के लिए योगदान देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यही सोच भविष्य में जिम्मेदार नागरिक तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रतिभाओं को मिलेगा आत्मविश्वास और नई उड़ान
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले कई प्रतिभाशाली विद्यार्थी संसाधनों की कमी और मार्गदर्शन के अभाव में अपने सपनों को सीमित कर देते हैं। ऐसे में ‘द कलेक्टर्स-15’ उनके आत्मविश्वास को मजबूत करने का माध्यम बनेगा।
जब विद्यार्थी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठेंगे, उनसे चर्चा करेंगे और उनके अनुभव सुनेंगे, तब उनमें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने का आत्मविश्वास भी विकसित होगा। यह पहल युवाओं को यह संदेश देती है कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, सही दिशा और मेहनत से हर मंजिल हासिल की जा सकती है।
शिक्षा व्यवस्था में नवाचार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। विद्यार्थियों को व्यवहारिक ज्ञान, नेतृत्व कौशल, संवाद क्षमता और समस्या समाधान जैसी क्षमताओं से भी लैस करना समय की आवश्यकता है।
कोरिया जिला प्रशासन की यह पहल इसी दिशा में एक प्रभावी प्रयास मानी जा रही है। यदि इस प्रकार के कार्यक्रम लगातार संचालित होते हैं तो आने वाले वर्षों में जिले के विद्यार्थी न केवल शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे बल्कि प्रशासन, विज्ञान, तकनीक, उद्यमिता और सामाजिक नेतृत्व जैसे क्षेत्रों में भी अपनी अलग पहचान बना सकेंगे।
अन्य जिलों के लिए भी बन सकता है प्रेरणास्रोत
शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे इस प्रकार के नवाचार केवल एक जिले तक सीमित नहीं रहने चाहिए। यदि ‘द कलेक्टर्स-15’ जैसी पहल सफल होती है तो यह पूरे छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के जिलों के लिए भी एक प्रेरणादायी मॉडल बन सकती है।
प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच मजबूत संवाद, व्यवहारिक शिक्षा और नेतृत्व विकास जैसे उद्देश्य देश की नई शिक्षा नीति की भावना के भी अनुरूप हैं। इससे विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी दौर में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक आत्मविश्वास और दृष्टिकोण मिलेगा।
भविष्य निर्माण की मजबूत नींव
कोरिया जिला प्रशासन का यह प्रयास केवल वर्तमान के विद्यार्थियों के लिए नहीं, बल्कि जिले के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला कदम है। शिक्षा, नेतृत्व, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी को एक साथ जोड़ने वाली यह पहल निश्चित रूप से आने वाले समय में सकारात्मक परिणाम दे सकती है।
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव द्वारा शुरू किया गया ‘द कलेक्टर्स-15’ कार्यक्रम इस बात का उदाहरण है कि यदि प्रशासन शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और संवेदनशीलता के साथ कार्य करे, तो युवाओं के जीवन में वास्तविक बदलाव लाया जा सकता है। यह पहल विद्यार्थियों को केवल सफल करियर की ओर नहीं ले जाएगी, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार, जागरूक और समाज के प्रति समर्पित नागरिक बनने की प्रेरणा भी देगी।

