Monday, June 22, 2026
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जामुन का भी पल्प निकाल रहे करतला ब्लॉक के किसान

कोरबा(pnews 24) कोरबा जिलान्तर्गत करतला ब्लॉक के किसानों के समूह ने आम के बाद जामुन का पल्प निकालना शुरू कर दिया है। एक टन क्षमता की प्रोसेसिंग यूनिट से पहली बार 500-500 किलो पल्प निकाला है। बताया जा रहा हैं की इससे हर साल 20 से 25 टन आम और जामुन खराब होने से बच जाएगा।
यूनिट में 20 महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है। इसके साथ ही किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ जाएगी। नाबार्ड के बाड़ी प्रोजेक्ट के तहत 30 से अधिक गांवों में किसान आम, काजू की फसल ले रहे हैं। प्रोजेक्ट समाप्त होने के बाद किसानों ने महामाया बहुउद्देशीय सहकारी संस्था का गठन कर अपने उत्पाद को बाजार तक पहुंचाते हैं। क्षेत्र में करीब हर साल 500 टन तक आम की पैदावार होती है। इसके अलावा जामुन की पैदावार भी बढ़ रही है, लेकिन समय पर बाजार तक नहीं पहुंचने और देरी की वजह से कई बार फल खराब हो जाते हैं। रेट भी सही नहीं मिलता।
इसके लिए वैल्यू एडिशन करने किसानों ने नवापारा में बिना सरकारी मदद के जीवा कार्यक्रम के सहयोग से एक टन क्षमता का प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर पल्प निकालना शुरू किया है। इसे सुरक्षित रखने फ्रीजर भी है। पल्प निकालने का काम महिलाएं ही करती हैं। एक और जहां आम और जामुन खराब होने से बच जाएगा। दूसरी ओर इसके दाम भी अधिक मिलेंगे।
20 किलो आम में 13 किलो पल्प, तीन गुना कमाई आम और जामुन का प्रोसेसिंग करने से 60 से 65% तक पल्प निकलता है। 20 किलो आम में अभी 13 किलो पल्प निकला है। बाजार में इसकी कीमत 350 से 400 रुपए तक है। इससे किसानों को तीन गुना अधिक फायदा मिल रहा है। डायबिटीज के लिए जामुन काफी फायदेमंद, गुठली का बनेगा चूर्ण करतला ब्लॉक के जामुन की डिमांड आंध्रप्रदेश तक है। यह डायबिटीज के लिए फायदेमंद भी है। पल्प निकालने के बाद गुठली का चूर्ण बनाने की तैयारी है। चंद्रभान राठिया ने बताया कि अब जामुन को इकट्ठा कर सुरक्षित कर रहे हैं। आम के छिलके का भी खाद बनाने में उपयोग हो रहा है।

 

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