बिलासपुर में पांचवीं राज्य स्तरीय भाला फेंक प्रतियोगिता संपन्न, 173 खिलाड़ियों ने दिखाया दम; नीरज चोपड़ा की उपलब्धि से मिली नई प्रेरणा

बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम में आयोजित पांचवीं राज्य स्तरीय भाला फेंक प्रतियोगिता में प्रदेशभर के 173 खिलाड़ियों ने भाग लिया। जानिए विजेताओं की सूची, प्रतियोगिता का उद्देश्य, मुख्य अतिथियों के विचार और छत्तीसगढ़ में एथलेटिक्स के बढ़ते भविष्य पर विस्तृत रिपोर्ट।

बिलासपुर CHHATTISHGARH (प्रखर न्यूज 24) खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के उद्देश्य से बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम में पांचवीं राज्य स्तरीय भाला फेंक प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के मार्गदर्शन तथा छत्तीसगढ़ एथलेटिक्स संघ एवं जिला एथलेटिक्स संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 173 खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में 125 बालक और 48 बालिकाओं ने अलग-अलग आयु वर्ग में भाग लेकर अपनी खेल क्षमता का परिचय दिया।

यह प्रतियोगिता भारतीय एथलेटिक्स के स्वर्णिम अध्याय को समर्पित रही। इसका आयोजन हर वर्ष भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा द्वारा टोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने की उपलब्धि की स्मृति में किया जाता है। साथ ही इसका उद्देश्य राज्य में भाला फेंक खेल के प्रति युवाओं की रुचि बढ़ाना और नई प्रतिभाओं को आगे लाना है।

खेल प्रतिभाओं को मिला बड़ा मंच

प्रतियोगिता के दौरान मैदान में खिलाड़ियों का उत्साह देखने लायक था। सुबह से ही विभिन्न जिलों के प्रतिभागी अपने-अपने मुकाबलों के लिए तैयार दिखाई दिए। प्रशिक्षकों और अभिभावकों की मौजूदगी ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया। पूरे आयोजन के दौरान खेल भावना, अनुशासन और प्रतिस्पर्धा का शानदार माहौल बना रहा।

आयोजकों का कहना है कि इस तरह की प्रतियोगिताएं केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए मानसिक और तकनीकी रूप से तैयार करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनती हैं।

इन विशिष्ट अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. तारनिश गौतम, कुलसचिव, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अमरनाथ सिंह, महासचिव, छत्तीसगढ़ एथलेटिक्स संघ ने की।

विशिष्ट अतिथि के रूप में द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित जी.एस. भाटिया तथा छत्तीसगढ़ एथलेटिक्स संघ के कोषाध्यक्ष सौरभ राय भी उपस्थित रहे। अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेलों में निरंतर अभ्यास, अनुशासन और आत्मविश्वास ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।

मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि आज देश में एथलेटिक्स के प्रति युवाओं का रुझान लगातार बढ़ रहा है। नीरज चोपड़ा जैसे खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने नई पीढ़ी को खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। यदि खिलाड़ियों को सही प्रशिक्षण और बेहतर सुविधाएं मिलती रहें तो छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं।

नीरज चोपड़ा की उपलब्धि से बढ़ी भाला फेंक की लोकप्रियता

भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा द्वारा टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद देशभर में भाला फेंक खेल की लोकप्रियता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले जहां यह खेल सीमित खिलाड़ियों तक सिमटा हुआ था, वहीं अब स्कूलों, कॉलेजों और खेल अकादमियों में बड़ी संख्या में युवा इस खेल को अपना रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में भी पिछले कुछ वर्षों के दौरान एथलेटिक्स गतिविधियों में तेजी आई है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को पहचानने का अवसर मिल रहा है।

173 खिलाड़ियों ने दिखाया शानदार प्रदर्शन

प्रतियोगिता में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए खिलाड़ियों ने अपने-अपने आयु वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कई मुकाबलों में बेहद कड़ी टक्कर देखने को मिली। खिलाड़ियों ने तकनीकी कौशल, संतुलन और ताकत का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।

आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल विजेता चुनना नहीं, बल्कि प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना भी है।

प्रतियोगिता के विजेता

अंडर-14 बालिका वर्ग

  • प्रथम – मेघा
  • द्वितीय – सोनिया
  • तृतीय – इवा राय

अंडर-16 बालक वर्ग

  • प्रथम – आशीष
  • द्वितीय – युवराज पंडित
  • तृतीय – कान्हा साहू

अंडर-16 बालिका वर्ग

  • प्रथम – धनेश्वरी
  • द्वितीय – जीविका
  • तृतीय – मानवी ध्रुव

अंडर-18 बालक वर्ग

  • प्रथम – देवलाल
  • द्वितीय – नरेश कुमार
  • तृतीय – अनुराग सिंह

अंडर-18 बालिका वर्ग

  • प्रथम – हिमानी मोहने
  • द्वितीय – शीतल कुशवाहा
  • तृतीय – किरण

सभी विजेताओं को अतिथियों द्वारा पदक एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। विजेताओं ने अपनी सफलता का श्रेय अपने प्रशिक्षकों, परिवार और लगातार किए गए अभ्यास को दिया।

छत्तीसगढ़ में एथलेटिक्स का मजबूत होता आधार

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राज्य में इसी तरह नियमित रूप से प्रतियोगिताओं का आयोजन होता रहा तो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर कई उत्कृष्ट एथलीट तैयार कर सकता है। खेल संघ द्वारा लगातार प्रतियोगिताओं के आयोजन से खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी माहौल मिल रहा है, जिससे उनका आत्मविश्वास और प्रदर्शन दोनों बेहतर हो रहे हैं।

खेल विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उचित प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाओं और नियमित प्रतियोगिताओं की है। इस दिशा में छत्तीसगढ़ एथलेटिक्स संघ के प्रयास सराहनीय माने जा रहे हैं।

युवाओं के लिए प्रेरणा बना आयोजन

पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवन का माध्यम भी हैं। नीरज चोपड़ा जैसे खिलाड़ियों की सफलता से प्रेरित होकर प्रदेश के युवा अब एथलेटिक्स में भी अपना भविष्य तलाश रहे हैं।

बहतराई स्टेडियम में आयोजित इस प्रतियोगिता ने न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया, बल्कि यह भी साबित किया कि छत्तीसगढ़ में खेलों का भविष्य लगातार मजबूत हो रहा है। आने वाले समय में ऐसे आयोजनों से राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

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