रायगढ़ के SECL धरमखदान में ट्रांसफार्मर पार्ट्स, केबल और अन्य सामान की चोरी का छाल पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने करीब 3 लाख रुपये का मशरूका और तीन मोटरसाइकिलें जब्त कीं। पढ़ें पूरी खबर।
रायगढ़ CHHATTISHGARH (प्रखर न्यूज 24) । जिले के छाल थाना क्षेत्र में स्थित SECL धरमखदान में हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर अपनी सक्रियता और त्वरित कार्रवाई का परिचय दिया है। इस मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से ट्रांसफार्मर के पार्ट्स, बिजली के केबल, पानी पंप के पार्ट्स, लोहे के पाइप सहित करीब 1.20 लाख रुपये मूल्य का चोरी का सामान बरामद किया है। वहीं वारदात को अंजाम देने में इस्तेमाल की गई तीन मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं। बरामद संपत्ति की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से न केवल चोरी की गुत्थी सुलझी, बल्कि क्षेत्र में सक्रिय संगठित चोरी गिरोह के खिलाफ भी अहम सुराग मिले हैं। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
SECL परिसर में हुई थी सुनियोजित चोरी
जानकारी के अनुसार, छाल थाना क्षेत्र के अंतर्गत संचालित SECL धरमखदान से ट्रांसफार्मर के महत्वपूर्ण पार्ट्स, बिजली के केबल, पानी पंप के उपकरण और लोहे के पाइप चोरी होने की शिकायत पुलिस को मिली थी। खदान क्षेत्र में इस तरह की चोरी से कंपनी को आर्थिक नुकसान पहुंचने के साथ-साथ संचालन व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता था।
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने घटनास्थल का निरीक्षण कर तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों को एकत्र किया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई और मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया।
24 घंटे के भीतर पुलिस को मिली बड़ी सफलता
लगातार की गई जांच, पूछताछ और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने कुछ संदिग्धों की पहचान की। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर छह आरोपियों को हिरासत में लिया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चोरी की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनके मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने चोरी किया गया सामान और वारदात में प्रयुक्त तीन मोटरसाइकिलें बरामद कर लीं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के पास से बरामद सामान में ट्रांसफार्मर के पार्ट्स, बिजली के केबल, पानी पंप के पार्ट्स तथा लोहे के पाइप शामिल हैं। बरामद सामग्री की कीमत लगभग 1.20 लाख रुपये है, जबकि जब्त मोटरसाइकिलों सहित कुल बरामद मशरूका करीब 3 लाख रुपये का है।
संगठित अपराध की धाराएं भी जोड़ी गईं

जांच के दौरान पुलिस को ऐसे तथ्य मिले, जिनसे यह संकेत मिला कि चोरी की वारदात योजनाबद्ध तरीके से समूह बनाकर अंजाम दी गई थी। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112(2) और धारा 3(5) भी प्रकरण में जोड़ दी हैं।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों की भूमिका, उनके आपसी समन्वय और जांच में सामने आए साक्ष्यों को देखते हुए संगठित अपराध से संबंधित धाराएं लागू की गई हैं। इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
न्यायालय में पेश कर भेजा गया रिमांड पर
पूछताछ और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने सभी छह आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों का संबंध किसी बड़े चोरी गिरोह से तो नहीं है और क्या उन्होंने इससे पहले भी इसी तरह की अन्य वारदातों को अंजाम दिया है।
औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर भी रहेगा फोकस
SECL जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की बड़ी औद्योगिक इकाइयों में ट्रांसफार्मर, बिजली के केबल और मशीनरी से जुड़े उपकरणों की चोरी लंबे समय से चुनौती बनी हुई है। ऐसे मामलों में चोरी केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उत्पादन और संचालन भी प्रभावित हो सकता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद औद्योगिक क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और कबाड़ खरीदने-बेचने वाले कारोबारियों की निगरानी भी तेज की जाएगी ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना
स्थानीय लोगों और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों ने इस मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा होने पर पुलिस की सराहना की है। उनका कहना है कि त्वरित कार्रवाई से अपराधियों के मनोबल पर प्रभाव पड़ेगा और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा।
पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे या चोरी के सामान की अवैध खरीद-फरोख्त की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। लोगों की सतर्कता और पुलिस की सक्रियता से ही ऐसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

