कोरबा pnews24- पुलिस ने एफआईआर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर दर्ज किया है। अज्ञात आरोपी के विरुद्ध धारा 302 व 458 भादवि के तहत एफआईआर दर्ज किया गया है। इस मामले को सुलझाने के लिए एसपी उदय किरण के मार्गदर्शन में पुलिस अधिकारी कर्मचारी जुटे हैं। कई संदेहियो को पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया है लेकिन अब तक ठोस जानकारी नहीं मिली है।
मामले के संक्षिप्त विवरण में कोरबा जिले के पुलिस बल में कटघोरा तहसील अधीन बांगो थाने में एएसआई के पद पर नरेंद्र परिहार पदस्थ रहे उनके विभागीय आवासीय परिसर के निवास में प्रातः अत्यंत ही दुखदाई स्थिति में उन्हें पाया गया। देखते ही देखते वहा जिले के प्रमुख अधिकारी पहुंच गए। बाद में अधिकृत तौर पर पुष्टि की गयी कि उनकी मृत्यु हो चुकी हैं। पहुंचे अधिकारियो ने देखा की उनके शरीर पर जानलेवा सांघातिक चोटों के निशान भी हैं तथा इस मामले की गम्भीरता को देखते हुए वहा तत्काल “विधि विज्ञान विशेषज्ञ” दल तथा जासूसी स्वान दल वहा पहुंच गए और जांच-पड़ताल शुरू की इस घटना को लेकर उस समस्त अंचल में दहशत सी व्याप्त हो गयी हैं।
पुलिस ने संदेह के आधार पर कुछ लोगो को पकड़ा भी हैं। इस मामले का सर्वाधिक सनसनी खेज पहलु यह हैं की एएसआई नरेंद्र परिहार के संबंध में जो जानकारी मिली हैं कि वे कभी भी किसी भी प्रकार के मादक द्रव्यों का सेवन नहीं करते थे जबकि उनके निवास के बाहर शराब की बोतल और टुकड़े भी पाए गए हैं इस बात की प्रबल संभावना जताई जा रही हैं की इस घटना में हुड़दंगियों का हाथ हो सकता हैं। क्योकि कतिपय हुड़दंगियों को डांटकर वे अपने आवास गृह में पुनः सोने चले गए।
प्रारंभिक जांच में जो बातें सामने आई है उसके मुताबिक हत्यारों ने पहले दरवाजे को फरसा नुमा धारदार हथियारों से तोड़ा इसके बाद वे अंदर घुसे और सो रहे नरेंद्र सिंह पर ताबड़तोड़ वार किए। एक वार उनके हाथ पर किया फिर गले पर वार किया। सुबह पहुंची डॉग स्क्वायड की टीम ने जब डॉग को घटनास्थल से छोड़ा तो वह अंबिकापुर रोड पर कुछ दूर पर जाकर रुक गया। यह केवल संभावना ही उभरी हैं वस्तुस्थिति का खुलासा तो सघन विवेचना के बाद ही होगा जिला पुलिस अधीक्षक यू. उदय किरण की सघन देखरेख में पुलिस विवेचना जारी हैं।छत्तीसगढ़ राज्य की विकासशील उर्जाधानी कोरबा अंचल में औद्योगिक विसंगतियो के बावजूद परंपरागत सामंजस्य सौहाद्रता का वातावरण कायम रहा हैं। यहाँ के प्रशासन ने अपनी कसाहट से इस क्षेत्र में कभी भी आपराधिक आतीताईयो को पनपने ही नहीं दिया किन्तु इस दिनों एकाएक अप्रत्याशित ढंग से घटित इस घटना ने इस अवधारणा को गहन आघात पहुंचाया हैं। हालांकि पूरा पुलिस महकमा इसकी जांच-पड़ताल में बेतहाशा ढंग से जुटकर इस मामले को सुलझाने के प्रयास में लगा हुआ हैं।

