कोरबा में पुलिस बनकर ठगी: बुजुर्ग से उतरवाए सोने के गहने, नकली जेवर थमाकर फरार हुए शातिर, संगठित गिरोह की आशंका

कोरबा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के निहारिका इलाके में पुलिसकर्मी बनकर दो ठगों ने सेवानिवृत्त बुजुर्ग से सोने के गहने उतरवाकर नकली जेवर थमा दिए। पुलिस संगठित गिरोह की आशंका के बीच आरोपियों की तलाश में जुटी है। पढ़ें पूरी खबर।

कोरबा CHHATTISHGARH (प्रखर न्यूज 24) जिले में ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने आम लोगों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित निहारिका इलाके में दो शातिर बदमाशों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर एक सेवानिवृत्त बुजुर्ग को अपने झांसे में लिया और उनसे सोने के गहने उतरवा लिए। आरोपियों ने जांच के नाम पर असली गहनों की जगह नकली जेवर पन्नी में लपेटकर वापस थमा दिए और कुछ ही मिनटों में मौके से फरार हो गए।

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि यह किसी संगठित ठग गिरोह की करतूत हो सकती है, जो पुलिस की वर्दी या पुलिस होने का भय दिखाकर लोगों को निशाना बना रहा है।

पुलिस होने का दावा कर बुजुर्ग को डराया

जानकारी के अनुसार, सेवानिवृत्त बुजुर्ग अपने दैनिक कार्य से निकले हुए थे। इसी दौरान दो अज्ञात युवक उनके पास पहुंचे। दोनों ने स्वयं को पुलिसकर्मी बताते हुए बुजुर्ग से बातचीत शुरू की। आरोपियों ने कहा कि इलाके में नशीले पदार्थों की जांच चल रही है और उनके पास गांजा होने की सूचना मिली है।

अचानक लगे इस आरोप से बुजुर्ग घबरा गए। उन्होंने आरोपों का विरोध किया, लेकिन दोनों युवकों ने पुलिसिया अंदाज में बात करते हुए जांच कराने की बात कही। बुजुर्ग ने उन्हें वास्तविक पुलिसकर्मी समझ लिया और उनके निर्देशों का पालन करने लगे।

जांच के बहाने उतरवाए सोने के गहने

आरोपियों ने कथित जांच के दौरान बुजुर्ग से कहा कि उनके शरीर पर पहने गए सोने के गहनों की भी जांच करनी होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद सभी सामान सुरक्षित लौटा दिया जाएगा।

विश्वास में आए बुजुर्ग ने अपने सोने के गहने उतारकर आरोपियों को सौंप दिए। इसी दौरान ठगों ने बेहद चालाकी से असली गहनों को अलग कर दिया और उनकी जगह पहले से तैयार नकली जेवर एक पन्नी में लपेटकर बुजुर्ग को थमा दिए।

आरोपियों ने कहा कि घर पहुंचकर ही पन्नी खोलना और फिर जल्दबाजी में वहां से निकल गए।

घर पहुंचने पर खुला ठगी का राज

जब बुजुर्ग घर पहुंचे और पन्नी खोली तो उनके होश उड़ गए। अंदर रखे गहने नकली थे, जबकि उनके असली सोने के जेवर गायब थे। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं।

परिजनों को घटना की जानकारी देने के बाद तत्काल सिविल लाइन थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

संगठित गिरोह के सक्रिय होने की आशंका

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार की वारदात कोई सामान्य अपराध नहीं है। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है।

ऐसे गिरोह अक्सर भीड़भाड़ वाले इलाकों, बाजारों या सार्वजनिक स्थानों पर वरिष्ठ नागरिकों और अकेले लोगों को निशाना बनाते हैं। पहले वे खुद को पुलिसकर्मी या किसी सरकारी एजेंसी का कर्मचारी बताते हैं, फिर जांच या सुरक्षा का हवाला देकर लोगों से गहने, नकदी या अन्य कीमती सामान अपने कब्जे में ले लेते हैं।

कुछ ही क्षणों में सामान बदलकर नकली वस्तु वापस कर दी जाती है और पीड़ित को इसकी भनक तक नहीं लगती।

सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों की तलाश

घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। आरोपियों की पहचान के लिए इलाके के दुकानदारों और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

इसके अलावा पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और आसपास के जिलों में भी सूचना भेजी गई है ताकि यदि इसी तरह की वारदात कहीं और हुई हो तो उसका रिकॉर्ड मिल सके।

जांच अधिकारी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि आरोपियों ने पहले भी कोरबा या आसपास के क्षेत्रों में इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं।

वरिष्ठ नागरिकों को बनाया जा रहा आसान निशाना

पुलिस का कहना है कि पिछले कुछ समय में देश के कई शहरों में इसी तरह की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें ठग विशेष रूप से बुजुर्गों को निशाना बनाते हैं। उम्र अधिक होने के कारण कई वरिष्ठ नागरिक पुलिस या प्रशासन का नाम सुनकर घबरा जाते हैं और बिना पुष्टि किए सामने वाले की बातों पर भरोसा कर लेते हैं।

अपराधी इसी मनोवैज्ञानिक दबाव का फायदा उठाकर कुछ ही मिनटों में लाखों रुपये के गहने लेकर फरार हो जाते हैं।

पुलिस की लोगों से अपील

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति स्वयं को पुलिसकर्मी बताकर रास्ते में रोकता है और गहने या नकदी की जांच के नाम पर मांग करता है, तो बिना पहचान पत्र देखे उस पर भरोसा न करें।

यदि किसी को संदेह हो तो तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम से संपर्क करें। किसी भी स्थिति में अपने कीमती गहने, नकदी या अन्य सामान अजनबी व्यक्ति को न सौंपें।

पुलिस ने लोगों से यह भी कहा है कि यदि इस तरह की कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते अपराधियों पर कार्रवाई की जा सके।

समाज के लिए एक बड़ी चेतावनी

कोरबा की यह घटना केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए सतर्क रहने का संदेश है। ठग अब नए-नए तरीके अपनाकर लोगों का विश्वास जीतते हैं और कुछ ही मिनटों में जीवनभर की कमाई पर हाथ साफ कर देते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता ही ऐसे अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। परिवारों को भी अपने बुजुर्ग सदस्यों को समय-समय पर इस तरह की ठगी के तरीकों के बारे में जानकारी देनी चाहिए, ताकि वे किसी भी अजनबी के झांसे में न आएं।

फिलहाल सिविल लाइन थाना पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस को उम्मीद है कि सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले की जांच जारी है और पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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