भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने ‘भिलाई बचाओ पदयात्रा’ निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया। निजीकरण, रोजगार, टाउनशिप की समस्याओं और स्मार्ट मीटर के विरोध को लेकर राजभवन तक मार्च किया गया। पढ़ें पूरी विस्तृत रिपोर्ट।
भिलाई CHHATTISHGARH (प्रखर न्यूज 24) । छत्तीसगढ़ में भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को बड़े स्तर पर ‘भिलाई बचाओ पदयात्रा’ आयोजित कर अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया। इस पदयात्रा के माध्यम से पार्टी ने भिलाई स्टील प्लांट के कथित निजीकरण, रोजगार के अवसरों में कमी, टाउनशिप की समस्याओं, कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा तथा स्मार्ट मीटर के विरोध जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
सुबह भिलाई से शुरू हुई यह पदयात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए टाटीबंध पहुंची। यहां बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक एकत्रित हुए। इसके बाद सभी लोग रायपुर की ओर रवाना हुए, जहां यात्रा का समापन राजभवन पहुंचकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपने के साथ किया जाना प्रस्तावित था।
BSP को लेकर कांग्रेस का बड़ा आरोप
कांग्रेस नेताओं ने पदयात्रा के दौरान कहा कि भिलाई स्टील प्लांट केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की आर्थिक धुरी और लाखों लोगों की आजीविका का आधार है। पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण सार्वजनिक क्षेत्र के इस प्रतिष्ठित इस्पात संयंत्र की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।
कांग्रेस का कहना है कि यदि उत्पादन क्षमता, भर्ती प्रक्रिया और कर्मचारियों के हितों की अनदेखी जारी रही तो इसका सीधा असर हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि संयंत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण विभागों में स्थायी कर्मचारियों की संख्या लगातार कम हो रही है, जिससे उत्पादन और कार्य संस्कृति दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
रोजगार और युवाओं के भविष्य का मुद्दा
पदयात्रा के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि भिलाई स्टील प्लांट लंबे समय तक प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा केंद्र रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में नियमित भर्ती की गति धीमी पड़ने से युवाओं में निराशा बढ़ी है।
नेताओं का कहना है कि यदि समय रहते नई भर्तियां नहीं की गईं और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता नहीं मिली, तो इसका असर पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से रिक्त पदों को शीघ्र भरने और स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर देने की मांग की।
टाउनशिप की समस्याओं को भी बनाया मुद्दा
कांग्रेस ने बीएसपी टाउनशिप में रहने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों से जुड़ी समस्याओं को भी पदयात्रा का अहम हिस्सा बनाया। पार्टी नेताओं का कहना है कि कई स्थानों पर सड़क, पेयजल, सफाई, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।
उनका आरोप है कि इन समस्याओं के समाधान की दिशा में अपेक्षित गति से काम नहीं हो रहा है। कांग्रेस ने मांग की कि टाउनशिप के रखरखाव और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
टाटीबंध से रायपुर तक दिखा कार्यकर्ताओं का उत्साह
पदयात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। विभिन्न जिलों और ब्लॉकों से पहुंचे कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और झंडे लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए। यात्रा के दौरान कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने भी पदयात्रा का स्वागत किया।
टाटीबंध पहुंचने के बाद यात्रा में शामिल लोगों की संख्या और बढ़ गई। इसके बाद पूरा काफिला रायपुर की ओर बढ़ा। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि यह केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आम जनता और कर्मचारियों की आवाज को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास है।
राजभवन में सौंपा जाना था ज्ञापन
पदयात्रा का समापन राजभवन पहुंचकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपने के साथ प्रस्तावित किया गया। ज्ञापन में भिलाई स्टील प्लांट से जुड़े विभिन्न मुद्दों, कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा, रोजगार के अवसर बढ़ाने, कथित निजीकरण की प्रक्रिया रोकने और टाउनशिप की समस्याओं के समाधान की मांग शामिल की गई।
कांग्रेस का कहना है कि यदि इन मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो पार्टी भविष्य में भी जनआंदोलन जारी रखेगी।
स्मार्ट मीटर के मुद्दे को भी दी प्रमुखता
भिलाई बचाओ पदयात्रा के साथ-साथ कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर के मुद्दे को भी जोर-शोर से उठाया। पार्टी ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिलों को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। इसी को लेकर कांग्रेस ने लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया।
शाम के समय शहर के दो वार्डों में स्मार्ट मीटर बदलवाने के लिए आवेदन फॉर्म वितरण अभियान चलाया गया। इसके तहत पंडित जवाहरलाल नेहरू ब्लॉक के श्याम नगर तथा लेफ्टिनेंट अरविंद दीक्षित ब्लॉक के अरविंद नगर में शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में नागरिकों को आवेदन फॉर्म उपलब्ध कराने के साथ-साथ आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी भी दी गई।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि यदि किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर को लेकर शिकायत है तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करने में पार्टी सहयोग करेगी।
जनहित के मुद्दों पर आंदोलन जारी रखने का दावा
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी केवल चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता के रोजमर्रा के मुद्दों को लेकर भी सड़क पर संघर्ष कर रही है। उनका कहना है कि भिलाई स्टील प्लांट, कर्मचारियों की सुरक्षा, स्थानीय रोजगार, बिजली उपभोक्ताओं की समस्याएं और नागरिक सुविधाएं सीधे आम लोगों से जुड़े विषय हैं।
नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक इन मुद्दों का समाधान नहीं होगा, तब तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि कर्मचारियों, श्रमिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाए तथा समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा आयोजन
राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में यह पदयात्रा कांग्रेस के लिए संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन के साथ-साथ औद्योगिक और जनहित के मुद्दों को केंद्र में लाने का प्रयास भी रही। भिलाई स्टील प्लांट प्रदेश की औद्योगिक पहचान रहा है और इससे जुड़े मुद्दे लंबे समय से स्थानीय राजनीति का महत्वपूर्ण विषय रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस ने इस पदयात्रा के माध्यम से कर्मचारियों, युवाओं और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को एक मंच पर लाने की कोशिश की।
हालांकि, इन आरोपों और मांगों पर सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस पदयात्रा और ज्ञापन के बाद सरकार इन मुद्दों पर क्या रुख अपनाती है।

