जांजगीर-चांपा पुलिस ने सड़क सुरक्षा अभियान के तहत एक दिन में 21 नाबालिग वाहन चालकों को पकड़ा। मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए 25 हजार रुपये का समन शुल्क वसूला गया। जानिए पूरी खबर, पुलिस की चेतावनी और सड़क सुरक्षा अभियान की विस्तृत जानकारी।
जांजगीर-चांपा CHHATTISHGARH (प्रखर न्यूज 24)। सड़क दुर्घटनाओं में लगातार बढ़ रही नाबालिग वाहन चालकों की भागीदारी को देखते हुए जांजगीर-चांपा पुलिस ने जिलेभर में विशेष अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। जिले के विभिन्न स्कूलों के आसपास, प्रमुख चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर चलाए गए सघन जांच अभियान के दौरान एक ही दिन में 21 नाबालिग वाहन चालकों को वाहन चलाते हुए पकड़ा गया। पुलिस ने सभी के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 25 हजार रुपये का समन शुल्क वसूला।
पुलिस का कहना है कि यह अभियान केवल चालानी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना और अभिभावकों को उनकी जिम्मेदारियों का एहसास कराना है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चला विशेष अभियान
यह विशेष अभियान पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) उदयन बेहार के नेतृत्व में संचालित किया गया। अभियान के दौरान जिले के संवेदनशील क्षेत्रों, स्कूलों के आसपास, बाजारों तथा व्यस्त यातायात वाले स्थानों पर पुलिस की विशेष टीमें तैनात की गईं।
जांच के दौरान ऐसे कई नाबालिग वाहन चालक मिले, जो बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के दोपहिया वाहन चला रहे थे। पुलिस ने मौके पर ही वाहनों की जांच की और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए समन जारी किए।
तीन थाना क्षेत्रों में हुई कार्रवाई

विशेष अभियान के दौरान जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में निम्नानुसार कार्रवाई की गई—
- अकलतरा पुलिस ने 7 नाबालिग वाहन चालकों को पकड़ा।
- बलौदा पुलिस ने 10 नाबालिग वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की।
- यातायात पुलिस ने 4 नाबालिग वाहन चालकों को वाहन चलाते हुए पकड़ा।
इस प्रकार कुल 21 नाबालिग वाहन चालक पुलिस कार्रवाई की जद में आए।
अभिभावकों को बुलाकर दी गई सख्त समझाइश
कार्रवाई के बाद पुलिस ने केवल चालान काटकर मामला समाप्त नहीं किया, बल्कि सभी नाबालिगों के अभिभावकों को भी थाने बुलाया गया। अधिकारियों ने उन्हें स्पष्ट शब्दों में समझाया कि नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति देना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि उनके जीवन और अन्य लोगों की सुरक्षा के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है।
पुलिस अधिकारियों ने अभिभावकों से कहा कि वे किसी भी परिस्थिति में अपने बच्चों को दोपहिया या चारपहिया वाहन न दें। छोटी-सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
क्यों खतरनाक है नाबालिगों का वाहन चलाना?
विशेषज्ञों के अनुसार नाबालिगों के पास वाहन चलाने का पर्याप्त अनुभव नहीं होता। ऐसे में सड़क पर अचानक आने वाली परिस्थितियों में वे सही निर्णय नहीं ले पाते, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
पिछले कुछ वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें नाबालिग वाहन चालक स्वयं गंभीर रूप से घायल हुए या दूसरों की जान खतरे में डाल बैठे। यही कारण है कि पुलिस लगातार ऐसे मामलों पर सख्ती बरत रही है।
मोटरयान अधिनियम क्या कहता है?
भारतीय मोटरयान अधिनियम के अनुसार निर्धारित आयु से कम व्यक्ति वाहन नहीं चला सकता। यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है तो उसके साथ-साथ वाहन मालिक या अभिभावक के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
कानून का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि सड़कों को सुरक्षित बनाना और दुर्घटनाओं को कम करना है।
स्कूलों के आसपास बढ़ाई जाएगी निगरानी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में स्कूल खुलने और विद्यार्थियों की आवाजाही बढ़ने के मद्देनज़र ऐसे विशेष अभियान लगातार चलाए जाएंगे। स्कूलों के आसपास पुलिस की निगरानी और बढ़ाई जाएगी ताकि कोई भी नाबालिग वाहन चलाते हुए न मिले।
साथ ही स्कूल प्रबंधन से भी सहयोग मांगा जाएगा ताकि विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को नियमित रूप से यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा सके।
यातायात नियमों का पालन ही सुरक्षित भविष्य की गारंटी
पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही संभव है। यदि अभिभावक स्वयं जिम्मेदारी निभाएं और नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने से रोकें, तो कई संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि बच्चों को कम उम्र में वाहन सौंपना उनके जीवन को अनावश्यक जोखिम में डालना है। उन्हें पहले यातायात नियमों की जानकारी, सड़क अनुशासन और सुरक्षित ड्राइविंग का महत्व समझाना आवश्यक है।
पुलिस की अपील
जांजगीर-चांपा पुलिस ने जिलेवासियों से अपील की है कि—
- नाबालिग बच्चों को किसी भी परिस्थिति में दोपहिया या चारपहिया वाहन न दें।
- सभी वाहन चालक हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
- वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें।
- निर्धारित गति सीमा का पालन करें।
- यातायात नियमों का सम्मान करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा को लेकर जिले में ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

