मलेरिया पर निर्णायक प्रहार जारी, एक भी मौत न हो यही हमारा लक्ष्य : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मलेरिया से एक भी मौत न हो, यही सरकार का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34.29 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, 60 हजार से अधिक गंभीर मरीजों को रेफर किया गया और हजारों हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को विशेष उपचार मिला। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

रायपुर CHHATTISHGARH (प्रखर न्यूज 24) छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में मलेरिया उन्मूलन और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्पष्ट कहा कि सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य मलेरिया से होने वाली एक भी मृत्यु को रोकना है। उन्होंने कहा कि राज्य के दूरस्थ, वनांचल और संवेदनशील इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए लगातार योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगे हैं।

रायपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार केवल बीमारी का इलाज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समय रहते रोगों की पहचान, रोकथाम और लोगों को जागरूक करने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। इसी सोच के साथ शुरू किए गए ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ ने स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

34.29 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण, लगभग पूरी लक्षित आबादी तक पहुंचा अभियान

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत अब तक 34.29 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है। यह आंकड़ा अभियान की लक्षित आबादी का लगभग 99 प्रतिशत है, जो इस अभियान की व्यापक सफलता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह बस्तर जैसे दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए जीवनरक्षक पहल साबित हो रहा है। गांव-गांव जाकर मेडिकल टीमों ने लोगों की स्वास्थ्य जांच की, आवश्यक जांचें कराईं और जरूरतमंद मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया।

मलेरिया, टीबी, सिकल सेल और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान

स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए गए इस अभियान के दौरान केवल मलेरिया ही नहीं, बल्कि कई अन्य गंभीर और जानलेवा बीमारियों की भी पहचान की गई।

स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे मरीज सामने आए जिन्हें—

  • मलेरिया
  • क्षय रोग (टीबी)
  • सिकल सेल एनीमिया
  • कुष्ठ रोग
  • मुख कैंसर
  • अन्य गंभीर संक्रमण एवं दीर्घकालिक बीमारियां

जैसी समस्याएं थीं। इन सभी मरीजों का समय पर इलाज शुरू किया गया, जिससे बीमारी के गंभीर रूप लेने की संभावना काफी हद तक कम हुई।

विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर जांच और शुरुआती इलाज किसी भी गंभीर बीमारी से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम कर सकता है। यही वजह है कि सरकार अब उपचार के साथ-साथ अर्ली स्क्रीनिंग (Early Screening) पर भी विशेष जोर दे रही है।

60 हजार से अधिक गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा गया

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि अभियान के दौरान ऐसे मरीज भी सामने आए जिन्हें विशेषज्ञ चिकित्सा की आवश्यकता थी। ऐसे 60 हजार से अधिक गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया ताकि उन्हें बेहतर इलाज मिल सके।

उन्होंने कहा कि पहले दूरस्थ इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज तक पहुंचना बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग ने रेफरल सिस्टम को और अधिक मजबूत बनाया है। इससे गंभीर मरीजों को समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

10,938 हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत 10,938 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं (High Risk Pregnancy) की पहचान की गई।

इन महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, आवश्यक दवाएं, पोषण संबंधी सलाह और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में और अधिक कमी लाई जाए।

मलेरिया के मामलों पर पूरी सतर्कता से काम कर रहा स्वास्थ्य विभाग

हाल के दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में मलेरिया के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और नियंत्रण गतिविधियों को और तेज कर दिया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विभाग पूरी सतर्कता के साथ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रहा है। स्वास्थ्य टीमों को गांवों में भेजा जा रहा है, जहां लोगों की जांच की जा रही है और संक्रमित मरीजों का तत्काल उपचार शुरू किया जा रहा है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल मरीजों का इलाज करना नहीं, बल्कि संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ना भी है। इसके लिए मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।

जनभागीदारी से ही मिलेगी मलेरिया पर स्थायी जीत

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मलेरिया जैसी बीमारी पर पूरी तरह नियंत्रण तभी संभव है जब शासन और समाज मिलकर कार्य करें। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का उपयोग करें, बुखार आने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें और डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न लें।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता, मितानिन, स्वास्थ्य कर्मचारी और चिकित्सा दल लगातार लोगों को जागरूक कर रहे हैं। जनभागीदारी जितनी मजबूत होगी, मलेरिया नियंत्रण का अभियान उतना ही प्रभावी होगा।

दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य केवल शहरों तक स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित रखना नहीं है। विशेष रूप से बस्तर सहित आदिवासी और दूरस्थ इलाकों में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि मोबाइल मेडिकल यूनिट, नियमित स्वास्थ्य शिविर, स्क्रीनिंग अभियान, दवा वितरण और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

सरकार का प्रयास है कि किसी भी व्यक्ति को केवल दूरी या संसाधनों की कमी के कारण उपचार से वंचित न रहना पड़े।

स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम

मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान ने यह साबित किया है कि यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए तो दूरस्थ क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सफलतापूर्वक पहुंचाई जा सकती हैं। लाखों लोगों की स्वास्थ्य जांच, गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की निगरानी और हजारों मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना इस अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में भी राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाएगी। उन्होंने दोहराया कि “मलेरिया से एक भी मृत्यु न हो, यही हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता और संकल्प है।”

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