कोण्डागांव में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में लंबे समय से फरार आरोपी को पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पहाड़ी पर पत्थरों के नीचे छिपा था। पढ़ें पूरी कार्रवाई, पुलिस की रणनीति और मामले की विस्तृत रिपोर्ट।
कोण्डागांव CHHATTISHGARH (प्रखर न्यूज 24) । छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था और गांव के पास स्थित पहाड़ियों तथा जंगलों में छिपकर रह रहा था। लेकिन कोण्डागांव पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सूझबूझ, तकनीकी निगरानी और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से उसे धर दबोचा।
पुलिस के अनुसार आरोपी पहाड़ी पर एक बड़े पत्थर के नीचे छिपा हुआ था और मौका मिलते ही वहां से भागने की फिराक में था। घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया गया। बाद में आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
घटना के बाद से लगातार फरार था आरोपी
जानकारी के मुताबिक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले के सामने आने के बाद से ही आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर था। उसके खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी, लेकिन वह बार-बार अपना ठिकाना बदलकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था।
आरोपी की तलाश के लिए स्थानीय पुलिस के साथ साइबर सेल को भी लगाया गया। तकनीकी इनपुट, मोबाइल लोकेशन और अन्य उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इसके अलावा संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश भी दी जा रही थी।
मुखबिर की सूचना बनी गिरफ्तारी की सबसे बड़ी कड़ी
जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी पास के एक गांव के आसपास देखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई।
गांव पहुंचने पर पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों से पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि आरोपी गांव के पास स्थित जंगल और पहाड़ी की ओर भागा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने समय गंवाए बिना पूरे इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी ताकि आरोपी किसी भी दिशा से भाग न सके।
पहाड़ी पर पत्थर के नीचे छिपा मिला आरोपी
घेराबंदी के बाद पुलिस ने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान पुलिस की नजर पहाड़ी पर एक बड़े पत्थर के नीचे छिपे व्यक्ति पर पड़ी। जब टीम ने उसे घेर लिया तो उसने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को थाने लाया गया, जहां उससे पूछताछ की गई। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया।
साइबर सेल और पुलिस की संयुक्त रणनीति रही सफल
इस कार्रवाई में साइबर सेल की भूमिका भी अहम रही। तकनीकी विश्लेषण और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई सूचनाओं को मिलाकर पुलिस ने आरोपी के संभावित ठिकानों की पहचान की। इसके बाद पुलिस टीम ने सुनियोजित तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गंभीर अपराधों में फरार आरोपियों की तलाश के लिए अब तकनीकी संसाधनों और पारंपरिक खुफिया तंत्र का संयुक्त उपयोग किया जा रहा है, जिससे ऐसे मामलों में जल्द सफलता मिल रही है।
नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर सख्ती
नाबालिगों के साथ होने वाले अपराधों को कानून बेहद गंभीरता से देखता है। ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी को प्राथमिकता दी जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर गिरफ्तारी से न केवल जांच मजबूत होती है बल्कि पीड़ित परिवार का न्याय व्यवस्था पर विश्वास भी कायम रहता है।
पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को कानून से बचने का मौका नहीं दिया जाएगा। फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी रहती है और तकनीकी निगरानी के माध्यम से उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जाता है।
ग्रामीणों के सहयोग से मिली सफलता
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी भी इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण साबित हुई। ग्रामीणों ने आरोपी की गतिविधियों के संबंध में जो सूचना दी, उसके आधार पर पुलिस सही दिशा में आगे बढ़ी और घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ने में सफल रही।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी अपराधी के बारे में कोई जानकारी मिले तो बिना डर के पुलिस को सूचित करें। नागरिकों का सहयोग अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पुलिस साक्ष्यों को मजबूत करने और जांच को अंतिम रूप देने में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया जाएगा।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी निष्पक्षता और कानून के निर्धारित प्रावधानों के तहत की जा रही है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि न्यायालय में दोष सिद्ध होने तक आरोपी को कानून की नजर में आरोपी माना जाता है।

