रायगढ़ में 27 जुलाई को एनएसयूआई और युवा कांग्रेस बिजली की बढ़ी दरों, स्मार्ट मीटर, बिजली कटौती और दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में बड़ा प्रदर्शन करेगी। जानिए प्रदर्शन की पूरी रणनीति, प्रमुख मांगें और राजनीतिक महत्व।
रायगढ़ CHHATTISHGARH (प्रखर न्यूज 24) । बिजली की लगातार बढ़ती दरों, स्मार्ट मीटर लगाए जाने की प्रक्रिया, शहर में जारी बिजली कटौती और दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) तथा युवा कांग्रेस अब सड़क पर उतरने की तैयारी में है। आगामी 27 जुलाई को रायगढ़ में इन मुद्दों को लेकर व्यापक विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के जरिए छात्र संगठन और कांग्रेस कार्यकर्ता सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
एनएसयूआई रायगढ़ के अध्यक्ष आरिफ हुसैन ने बताया कि यह प्रदर्शन केवल छात्रों से जुड़े मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आम जनता को प्रभावित कर रहे बिजली संकट, बढ़े हुए बिजली बिल और स्मार्ट मीटर जैसे विषय भी आंदोलन का प्रमुख हिस्सा होंगे। उनका कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में छात्रों और आम नागरिकों दोनों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, ऐसे में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराना जरूरी हो गया है।
दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज का होगा विरोध
एनएसयूआई का कहना है कि हाल ही में दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज ने पूरे देश के छात्र समुदाय को आक्रोशित किया है। संगठन का आरोप है कि अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखने वाले छात्रों के साथ बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
इसी मुद्दे को लेकर रायगढ़ में आयोजित होने वाले प्रदर्शन में छात्र बड़ी संख्या में शामिल होंगे। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने के साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई जाएगी। संगठन का कहना है कि छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बिजली की बढ़ी दरें और कटौती भी आंदोलन का बड़ा मुद्दा
रायगढ़ सहित प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली की बढ़ी हुई दरों को लेकर लोगों में लगातार असंतोष देखा जा रहा है। कांग्रेस और एनएसयूआई का आरोप है कि आम उपभोक्ताओं पर बिजली बिल का आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है, जबकि कई क्षेत्रों में नियमित बिजली आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है।
संगठन का कहना है कि एक ओर उपभोक्ताओं से अधिक शुल्क लिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर बार-बार बिजली कटौती की समस्या से लोग परेशान हैं। इससे घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे व्यापारियों, विद्यार्थियों और किसानों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान बिजली दरों में राहत देने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी।
स्मार्ट मीटर के विरोध में भी बुलंद होगी आवाज

एनएसयूआई और युवा कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर लगाए जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। संगठन का आरोप है कि स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों में कई तरह की आशंकाएं हैं और उपभोक्ताओं को इसकी पूरी जानकारी दिए बिना इसे लागू किया जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान स्मार्ट मीटर लगाए जाने की प्रक्रिया का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की जाएगी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि सरकार उपभोक्ताओं की शंकाओं का समाधान नहीं करती है तो इस मुद्दे पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।
आम नागरिकों से मांगा जा रहा समर्थन
एनएसयूआई अध्यक्ष आरिफ हुसैन ने बताया कि प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए वर्तमान में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों से संपर्क किया जा रहा है। कार्यकर्ता बाजारों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों पर जाकर आम नागरिकों से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील कर रहे हैं।
उनका कहना है कि बिजली से जुड़ी समस्याएं केवल किसी एक वर्ग की नहीं बल्कि हर परिवार से जुड़ा विषय हैं। इसलिए इस विरोध प्रदर्शन में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
चरणबद्ध आंदोलन की दी चेतावनी
कांग्रेस और छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं करती, बढ़ी हुई बिजली दरों पर पुनर्विचार नहीं करती और स्मार्ट मीटर को लेकर जनभावनाओं का सम्मान नहीं करती, तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
संगठन का कहना है कि फिलहाल 27 जुलाई का प्रदर्शन पहला बड़ा चरण होगा। इसके बाद भी यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती है तो आगे जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक आंदोलन का विस्तार किया जा सकता है।
राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा प्रदर्शन
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी प्रदर्शन केवल छात्र हितों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह बिजली, महंगाई और जनसुविधाओं जैसे व्यापक मुद्दों को भी सामने लाएगा। ऐसे में इस आंदोलन का राजनीतिक प्रभाव भी देखने को मिल सकता है।
हाल के महीनों में प्रदेश में बिजली दरों, स्मार्ट मीटर और बिजली कटौती को लेकर विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों ने समय-समय पर अपनी नाराजगी जताई है। अब कांग्रेस और एनएसयूआई इन सभी मुद्दों को एक मंच पर लाकर जनसमर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रशासन की नजर रहेगी प्रदर्शन पर
27 जुलाई को प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन और पुलिस भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। संभावना है कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
फिलहाल प्रदर्शन को लेकर तैयारियां तेज हैं और संगठन लगातार लोगों से संपर्क कर आंदोलन को सफल बनाने में जुटा हुआ है।

