छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाकर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने NEET परीक्षा विवाद, समान नागरिक संहिता (UCC), स्मार्ट मीटर, स्थानीय निकायों की CAG रिपोर्ट और प्रदेश की राजनीति सहित कई मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा। पढ़ें पूरी खबर।
CHHATTISHGARH (प्रखर न्यूज 24) छत्तीसगढ़ की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर कई मुद्दों को लेकर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष तथ्यात्मक बहस करने के बजाय जनता के बीच भ्रम फैलाकर सरकार की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है।
अरुण साव ने मीडिया से बातचीत के दौरान राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) विवाद, समान नागरिक संहिता (UCC), स्मार्ट मीटर, स्थानीय निकायों की नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) रिपोर्ट और प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों सहित कई विषयों पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सरकार संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए काम कर रही है, जबकि विपक्ष हर मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहा है।
‘तथ्यों के बजाय भ्रम फैलाना कांग्रेस की रणनीति’
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि लोकतंत्र में स्वस्थ आलोचना का स्वागत किया जाता है, लेकिन जनता को गलत जानकारी देकर भ्रमित करना उचित नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार ऐसे मुद्दों को राजनीतिक विवाद का रूप देने की कोशिश कर रही है, जिन पर सरकार पहले ही अपना पक्ष स्पष्ट कर चुकी है। उनके अनुसार, विपक्ष का उद्देश्य रचनात्मक सुझाव देना नहीं, बल्कि सरकार के खिलाफ माहौल बनाना है।
साव ने कहा कि राज्य सरकार विकास, सुशासन और पारदर्शिता के एजेंडे पर काम कर रही है और जनता के हितों से जुड़े निर्णय तथ्यों और कानून के आधार पर लिए जा रहे हैं।
UCC को लेकर सरकार का पक्ष रखा
समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) के मुद्दे पर बोलते हुए अरुण साव ने कहा कि सरकार ने कई बार स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया से आदिवासी समाज के अधिकारों और परंपराओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार संविधान की भावना के अनुरूप आगे बढ़ रही है। इस विषय पर गठित समिति, जिसकी अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश कर रहे हैं, विभिन्न सामाजिक वर्गों, संगठनों और विशेषज्ञों से सुझाव प्राप्त कर रही है।
साव के अनुसार, समिति सभी पक्षों की राय लेने के बाद सरकार को अपना प्रारूप सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस बिना पूरी जानकारी के लोगों के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।
NEET परीक्षा विवाद पर क्या बोले अरुण साव?
NEET परीक्षा से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया और आवश्यक कदम उठाए।
उन्होंने कहा कि संबंधित परिस्थितियों को देखते हुए दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई, जिससे पात्र विद्यार्थियों को निष्पक्ष अवसर मिल सके।
साव ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहा है और इसे लेकर देश में अनावश्यक भ्रम का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े विषयों पर राजनीति करने के बजाय सभी दलों को सकारात्मक सहयोग देना चाहिए।
स्मार्ट मीटर और CAG रिपोर्ट पर भी कांग्रेस को घेरा
उपमुख्यमंत्री ने स्मार्ट मीटर और स्थानीय निकायों से जुड़ी CAG रिपोर्ट का भी उल्लेख किया।
हालांकि उन्होंने विस्तृत आंकड़े साझा नहीं किए, लेकिन उनका कहना था कि इन मुद्दों पर भी कांग्रेस तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और जहां भी सुधार की आवश्यकता होगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
साव ने यह भी कहा कि सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं को लेकर गलत जानकारी फैलाने से जनता के बीच अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा होती है।
राजनीतिक माहौल हुआ गरम
छत्तीसगढ़ में आने वाले समय में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। ऐसे में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी भी लगातार बढ़ रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राष्ट्रीय और राज्य स्तर के विभिन्न मुद्दों पर दोनों प्रमुख दल अपने-अपने दृष्टिकोण को जनता तक पहुंचाने में जुटे हैं।
ऐसे माहौल में NEET, UCC, स्मार्ट मीटर और स्थानीय निकायों की कार्यप्रणाली जैसे विषय भी राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गए हैं।
लोकतांत्रिक राजनीति में मतभेद स्वाभाविक
लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों पर मतभेद होना स्वाभाविक है। सरकार जहां अपनी नीतियों और फैसलों का बचाव करती है, वहीं विपक्ष उन पर सवाल उठाने का अधिकार रखता है।
हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि जनहित से जुड़े संवेदनशील विषयों पर तथ्यों के आधार पर चर्चा होना अधिक महत्वपूर्ण है, ताकि नागरिक सही जानकारी के आधार पर अपनी राय बना सकें।
अब विपक्ष की प्रतिक्रिया पर रहेगी नजर
उपमुख्यमंत्री अरुण साव के इन बयानों के बाद अब राजनीतिक हलकों की नजर कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर रहेगी। संभावना है कि विपक्ष भी इन आरोपों का जवाब देते हुए अपना पक्ष सार्वजनिक करेगा।
आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है, क्योंकि प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए सरकार की नीतियों का बचाव किया। उन्होंने UCC, NEET परीक्षा, स्मार्ट मीटर और CAG रिपोर्ट जैसे विषयों पर सरकार का पक्ष रखा और कहा कि सभी निर्णय संवैधानिक प्रक्रिया और जनहित को ध्यान में रखकर लिए जा रहे हैं।
वहीं, इन मुद्दों पर कांग्रेस का रुख और संभावित प्रतिक्रिया आने वाले समय में प्रदेश की राजनीतिक चर्चा को और गति दे सकती है।
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