बिलासपुर के खूंटाघाट डैम में प्रतिबंधित क्षेत्र में रील और सेल्फी बना रहे युवकों पर रतनपुर पुलिस ने सख्ती दिखाई। पुलिस ने सभी को सुरक्षित बाहर निकालकर चेतावनी दी। जानिए पूरा मामला, प्रशासन की अपील और सुरक्षा नियम।
बिलासपुर (Prakhar News Korba)। सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ कई बार लोगों को अपनी जान जोखिम में डालने के लिए मजबूर कर देती है। ऐसा ही एक मामला बिलासपुर जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खूंटाघाट डैम से सामने आया है, जहां तेज बहाव और प्रतिबंधित क्षेत्र के बावजूद कुछ युवक सेल्फी लेने और रील बनाने के लिए डेंजर जोन में पहुंच गए। सूचना मिलते ही रतनपुर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और सभी युवकों को सुरक्षित बाहर निकालते हुए कड़ी चेतावनी दी। नियमों की अनदेखी करने वालों से पुलिस ने कान पकड़वाकर उठक-बैठक भी कराई, ताकि वे भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न करें।
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब लगातार बारिश के कारण खूंटाघाट डैम का जलस्तर बढ़ा हुआ है और पानी का बहाव बेहद तेज है। प्रशासन पहले से ही लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डेंजर जोन में प्रवेश पर रोक लगा चुका है।
सुरक्षा इंतजाम के बावजूद प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंचे पर्यटक

जानकारी के अनुसार, खूंटाघाट डैम में लगातार बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। प्रतिबंधित क्षेत्र के प्रवेश मार्ग पर बैरिकेडिंग की गई थी। इसके साथ ही लोहे का गेट लगाकर उसमें ताला भी लगाया गया था ताकि कोई भी पर्यटक खतरे वाले हिस्से तक न पहुंच सके।
इसके बावजूद कुछ युवक सुरक्षा व्यवस्था को नजरअंदाज करते हुए बैरिकेड पार कर अंदर पहुंच गए। वहां उन्होंने मोबाइल से सेल्फी लेना शुरू कर दिया और सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के लिए रील बनाने लगे। यह पूरा घटनाक्रम आसपास मौजूद लोगों की नजर में आया, जिसके बाद इसकी सूचना तत्काल रतनपुर पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
सूचना मिलते ही रतनपुर थाना पुलिस बिना देर किए खूंटाघाट डैम पहुंची। पुलिस ने सबसे पहले सभी युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला और खतरे वाले क्षेत्र से दूर किया। इसके बाद उन्हें समझाइश दी गई कि कुछ सेकंड की वीडियो या तस्वीर के लिए अपनी जान जोखिम में डालना किसी भी तरह उचित नहीं है।
पुलिस अधिकारियों ने युवकों को बताया कि यदि तेज बहाव में कोई हादसा हो जाता, तो उन्हें बचाना बेहद कठिन हो सकता था। बरसात के दिनों में डैम और नदी-नालों के आसपास पानी की स्थिति पल-पल बदलती रहती है, इसलिए प्रशासन द्वारा बनाए गए सुरक्षा नियमों का पालन करना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है।
उठक-बैठक कराकर दी चेतावनी
पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वाले युवकों से कान पकड़वाकर उठक-बैठक कराई। इसके साथ ही उन्हें सख्त चेतावनी दी गई कि भविष्य में यदि दोबारा प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करते हुए पाए गए तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य किसी को अपमानित करना नहीं, बल्कि लोगों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है ताकि भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो।
सोशल मीडिया की होड़ बन रही खतरे की वजह
पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रील और शॉर्ट वीडियो बनाने का चलन तेजी से बढ़ा है। अधिक लाइक, व्यूज और फॉलोअर्स पाने की चाह में कई लोग जोखिम भरे स्थानों पर जाकर वीडियो बनाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी लापरवाही कई बार जानलेवा साबित होती है। बारिश के मौसम में डैम, नदी, झरने और पहाड़ी इलाकों में पानी का बहाव अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में कुछ क्षण की असावधानी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
बारिश के मौसम में खूंटाघाट डैम पर बढ़ती भीड़
खूंटाघाट डैम बिलासपुर और आसपास के जिलों का लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। मानसून के दौरान यहां प्राकृतिक सौंदर्य देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। हालांकि, बारिश के समय डैम के आसपास फिसलन और तेज जलधारा के कारण खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है।
इसी वजह से प्रशासन हर वर्ष सुरक्षा के विशेष इंतजाम करता है। चेतावनी बोर्ड लगाए जाते हैं, बैरिकेडिंग की जाती है और पुलिस की नियमित निगरानी भी रहती है। इसके बावजूद कुछ लोग नियमों की अनदेखी कर अपनी और दूसरों की जान खतरे में डाल देते हैं।
प्रशासन की अपील—सुरक्षा नियमों का करें पालन
प्रशासन और पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि पर्यटन स्थलों पर लगाए गए चेतावनी बोर्ड, बैरिकेड और प्रतिबंधों का पूरी तरह पालन करें। यदि किसी स्थान को डेंजर जोन घोषित किया गया है तो वहां प्रवेश करने की कोशिश बिल्कुल न करें।
प्रशासन ने यह भी कहा कि किसी भी वीडियो, फोटो या सोशल मीडिया रील से ज्यादा महत्वपूर्ण इंसान की जान है। परिवार आपका सुरक्षित घर लौटने का इंतजार करता है, इसलिए कुछ मिनट के रोमांच के लिए जीवन को खतरे में डालना समझदारी नहीं है।
पुलिस ने लोगों से की विशेष अपील
रतनपुर पुलिस ने आम लोगों से आग्रह किया है कि यदि कहीं भी कोई व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्र में जाता दिखाई दे तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें। समय रहते मिली सूचना किसी बड़े हादसे को टाल सकती है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि लोगों की जान सुरक्षित रखी
सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा
मानसून के मौसम में डैम, नदी, पुल और झरनों के आसपास अतिरिक्त सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। प्रशासन द्वारा बनाए गए नियम किसी की स्वतंत्रता सीमित करने के लिए नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए होते हैं। खूंटाघाट डैम की यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि सोशल मीडिया पर कुछ सेकंड की लोकप्रियता के लिए अपनी जान जोखिम में डालना कभी भी समझदारी नहीं हो सकती।

