सुकमा में नक्सलियों के हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद: जंगल में जमीन के नीचे छिपाई गई रायफल, कारतूस और गोला-बारूद जब्त, सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी

सुकमा जिले के बोधराजपाड़र के जंगल में सुरक्षा बलों ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों का हथियारों और गोला-बारूद का बड़ा जखीरा बरामद किया। जमीन में छिपाकर रखी गई .315 बोर बोल्ट एक्शन रायफल, जिंदा कारतूस और अन्य सामग्री जब्त। पढ़ें पूरी खबर।

सुकमा CHHATTISHGARH (प्रखर न्यूज 24) छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। जिले के बोधराजपाड़र क्षेत्र के घने जंगलों में चलाए गए संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों ने नक्सलियों द्वारा जमीन के भीतर छिपाकर रखा गया हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा बरामद किया। बरामद सामग्री में एक .315 बोर बोल्ट एक्शन रायफल, बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस तथा अन्य उपयोगी सामग्री शामिल है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने सभी हथियारों और विस्फोटक सामग्री को अपने कब्जे में लेकर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब सुरक्षा बल लगातार नक्सलियों के नेटवर्क को कमजोर करने और उनके हथियारों के भंडार को नष्ट करने के लिए विशेष अभियान चला रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई नक्सलियों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।

खुफिया सूचना के आधार पर चलाया गया अभियान

पुलिस अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों को विश्वसनीय खुफिया सूचना मिली थी कि नक्सली संगठन ने बोधराजपाड़र के जंगलों में हथियार और गोला-बारूद का डंप तैयार कर रखा है। इन हथियारों का उपयोग भविष्य में सुरक्षा बलों पर हमले या अन्य नक्सली गतिविधियों में किया जा सकता था।

सूचना मिलने के बाद जिला पुलिस, डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और अन्य सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया। घने जंगलों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने पूरे इलाके की बारीकी से तलाशी ली।

जमीन में दबाकर रखा गया था हथियारों का जखीरा

तलाशी अभियान के दौरान जवानों को जंगल के एक संदिग्ध स्थान पर जमीन में दबाकर रखा गया डंप मिला। सावधानीपूर्वक खुदाई करने पर वहां से एक .315 बोर बोल्ट एक्शन रायफल, दर्जनों जिंदा कारतूस और अन्य नक्सली उपयोग की सामग्री बरामद हुई।

प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि नक्सलियों ने सुरक्षा बलों की नजर से बचाने के उद्देश्य से हथियारों को जमीन के भीतर छिपाकर रखा था ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें आसानी से निकाला जा सके।

हथियार जब्त, कानूनी कार्रवाई शुरू

बरामद सभी हथियारों और गोला-बारूद को सुरक्षा बलों ने मौके से जब्त कर लिया है। पुलिस ने पूरे मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि यह हथियार किस नक्सली दलम के थे और इन्हें कब तथा किस उद्देश्य से यहां छिपाया गया था।

जांच एजेंसियां बरामद सामग्री के आधार पर नक्सलियों के नेटवर्क और उनकी गतिविधियों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण सुराग जुटाने का प्रयास कर रही हैं।

लगातार जारी है नक्सल विरोधी अभियान

सुकमा जिला लंबे समय से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शामिल रहा है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों ने लगातार अभियान चलाकर नक्सलियों की गतिविधियों पर काफी हद तक नियंत्रण स्थापित किया है। जंगलों में नियमित सर्च ऑपरेशन, खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई और स्थानीय स्तर पर बढ़ती सुरक्षा व्यवस्था के कारण नक्सलियों की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नक्सलियों के खिलाफ अभियान भविष्य में भी इसी तरह जारी रहेगा। सुरक्षा बल लगातार उनके ठिकानों, हथियारों के डंप और गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। जहां भी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलेगी, वहां तत्काल संयुक्त अभियान चलाया जाएगा।

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर

विशेषज्ञों का मानना है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में हथियारों के डंप बरामद होना सुरक्षा बलों की सक्रिय रणनीति और मजबूत खुफिया तंत्र का परिणाम है। ऐसे अभियानों से नक्सलियों की हथियार जुटाने की क्षमता कमजोर होती है और उनकी भविष्य की योजनाओं को भी बड़ा झटका लगता है।

सुरक्षा एजेंसियां लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में भी जनसंपर्क बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं ताकि स्थानीय लोगों का विश्वास मजबूत हो और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना समय रहते मिल सके।

स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील

पुलिस ने क्षेत्र के ग्रामीणों से अपील की है कि यदि उन्हें जंगलों या आसपास के क्षेत्रों में कोई संदिग्ध वस्तु, गतिविधि या व्यक्ति दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या सुरक्षा बलों को दें। अधिकारियों का कहना है कि आम नागरिकों का सहयोग नक्सल विरोधी अभियानों को और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

आगे भी जारी रहेंगे विशेष अभियान

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुकमा सहित पूरे बस्तर संभाग में नक्सलियों के खिलाफ अभियान पूरी गंभीरता से जारी रहेगा। सुरक्षा बलों का उद्देश्य न केवल नक्सलियों के हथियारों के जखीरे को नष्ट करना है, बल्कि उनकी रसद व्यवस्था, छिपने के ठिकानों और संगठनात्मक नेटवर्क को भी कमजोर करना है।

अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी खुफिया सूचना के आधार पर जंगलों में सघन तलाशी अभियान चलाए जाएंगे, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते समाप्त किया जा सके और क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा का वातावरण मजबूत हो।

 

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