कोरबा के कटघोरा स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के छात्रों ने खराब भोजन, छात्रावास की बदहाल व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। पढ़िए पूरी खबर, छात्रों की मांगें, प्रशासन की कार्रवाई और पूरे मामले का विस्तृत विश्लेषण।
कोरबा।
CHHATTISHGARH (प्रखर न्यूज 24) कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में शनिवार सुबह उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब छात्र-छात्राएं अपनी समस्याओं को लेकर सड़क पर उतर आए। लंबे समय से छात्रावास में खराब भोजन, स्वच्छता की कमी, मूलभूत सुविधाओं के अभाव और कथित प्रशासनिक उदासीनता से नाराज छात्रों ने कोरबा-कटघोरा मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। इस प्रदर्शन के कारण करीब डेढ़ घंटे तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। knn24.in
छात्रों का कहना था कि उन्होंने कई बार अपनी शिकायतें विद्यालय प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। आखिरकार उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
सुबह पढ़ाई छोड़ सड़क पर बैठे छात्र
शनिवार सुबह जब नियमित रूप से कक्षाएं शुरू होने वाली थीं, तब बड़ी संख्या में छात्र विद्यालय परिसर से निकलकर मुख्य सड़क पर पहुंच गए। कुछ ही देर में उनके साथ अभिभावक भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। सभी ने सड़क पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और विद्यालय की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार की मांग रखी।
इस अचानक हुए प्रदर्शन से प्रशासन और पुलिस विभाग में भी हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
खराब भोजन और कीड़े मिलने का आरोप
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सबसे गंभीर आरोप छात्रावास में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर लगाए। उनका कहना था कि कई बार भोजन में कीड़े निकलते हैं तथा खाने की गुणवत्ता इतनी खराब होती है कि उसे खाना मुश्किल हो जाता है।
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार उन्हें समय पर पौष्टिक भोजन नहीं मिलता, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उनका कहना था कि आवासीय विद्यालय में रहने वाले बच्चों के लिए भोजन ही सबसे महत्वपूर्ण सुविधा होती है, लेकिन वही सबसे कमजोर कड़ी बन चुकी है। knn24.in
छात्रावास की बदहाल व्यवस्था से नाराजगी

भोजन के अलावा छात्रों ने छात्रावास की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए।
छात्रों का आरोप है कि छात्रावास में कई आवश्यक व्यवस्थाएं लंबे समय से प्रभावित हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। इससे पढ़ाई का माहौल भी प्रभावित हो रहा है और छात्रों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।
प्राचार्य और अधीक्षक को हटाने की मांग
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विद्यालय के प्राचार्य तथा छात्रावास अधीक्षक को हटाने की मांग भी उठाई। उनका आरोप था कि शिकायत करने पर उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जाता और कई बार उनके साथ अनुचित व्यवहार किया जाता है।
छात्रों का कहना था कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली नहीं बदली गई तो भविष्य में भी ऐसी समस्याएं बनी रहेंगी।
पहले भी किया था विरोध
छात्रों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाई हो। इससे पहले भी उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर आकर्षित करने की कोशिश की थी, लेकिन उनकी शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
इसी वजह से इस बार उन्होंने सड़क पर उतरकर चक्का जाम करने जैसा बड़ा कदम उठाया ताकि उनकी आवाज शासन और प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। knn24.in
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी
चक्का जाम की सूचना मिलते ही एसडीएम, पुलिस अधिकारी तथा आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों और अभिभावकों से विस्तृत चर्चा की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।
काफी देर तक चली बातचीत के बाद अधिकारियों ने शिकायतों की जांच कराने तथा उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। प्रशासन द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद छात्रों ने अपना आंदोलन समाप्त किया और सड़क से हट गए, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। knn24.in
आवासीय विद्यालयों में गुणवत्ता बनाए रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय आदिवासी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित किए जाते हैं। यहां विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ भोजन, आवास और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।
ऐसे में यदि भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती हैं तो यह केवल एक विद्यालय का मामला नहीं रह जाता, बल्कि पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आवासीय विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग, भोजन की गुणवत्ता की जांच और छात्रों की शिकायतों के त्वरित निराकरण की मजबूत व्यवस्था जरूरी है।
अब जांच और कार्रवाई पर टिकी निगाहें
प्रदर्शन समाप्त होने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच कराने का भरोसा दिया है। अब छात्रों और अभिभावकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच कितनी निष्पक्ष होती है और दोषी पाए जाने पर क्या कार्रवाई की जाती है।
यदि शिकायतें सही साबित होती हैं तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई के साथ-साथ विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार करना भी प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी होगी। वहीं यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में छात्रों का आक्रोश फिर सामने आ सकता है।

