राष्ट्रीय किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता 2026 में कोरबा की सीएमए किकबॉक्सिंग एकेडमी के खिलाड़ियों ने 32 पदक जीतकर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने खिलाड़ियों का सम्मान करते हुए खेलों के विकास के लिए सरकार की योजनाओं और 100 करोड़ रुपये के बजट का उल्लेख किया। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
कोरबा CHHATTISHGARH (प्रखर न्यूज 24) । मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का परिणाम जब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई देता है, तो वह केवल खिलाड़ियों की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होती, बल्कि पूरे शहर और प्रदेश के लिए गर्व का विषय बन जाती है। ऐसा ही गौरवपूर्ण क्षण गुरुवार को कोरबा में देखने को मिला, जब राष्ट्रीय किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 32 पदक जीतने वाले सीएमए किकबॉक्सिंग एकेडमी के खिलाड़ियों का भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
डीडीएम रोड स्थित एकेडमी परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्साह, गर्व और सम्मान का अनूठा संगम देखने को मिला। समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव रहे। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रशस्ति पत्र और हनुमान चालीसा भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर खिलाड़िCHHATTISHGARH (प्रखर न्यूज 24)यों के चेहरे पर सफलता की चमक साफ दिखाई दे रही थी, वहीं अभिभावकों और प्रशिक्षकों के लिए यह पल वर्षों की मेहनत का प्रतिफल था।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कोरबा की दमदार पहचान
राष्ट्रीय किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता-2026 में सीएमए किकबॉक्सिंग एकेडमी के खिलाड़ियों ने विभिन्न आयु वर्ग और भार वर्ग में हिस्सा लेते हुए कुल 32 पदक अपने नाम किए। इस शानदार उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि कोरबा जैसे शहरों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यदि खिलाड़ियों को सही प्रशिक्षण, संसाधन और मार्गदर्शन मिले, तो वे राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
इस सफलता के पीछे खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत के साथ-साथ प्रशिक्षकों की लगातार मेहनत और अभिभावकों का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। कई खिलाड़ियों ने पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर हिस्सा लेते हुए पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर खिलाड़ियों ने केवल कोरबा ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि आज देश में खेलों के प्रति युवाओं का रुझान तेजी से बढ़ रहा है और इसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंत्र “जो खेलेगा, वो खिलेगा” एक बड़ी प्रेरणा बनकर उभरा है।
उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और स्वस्थ जीवनशैली का भी आधार है। खेल युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखते हैं और उन्हें सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।
उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि वे अपनी सफलता को यहीं तक सीमित न रखें, बल्कि आगे भी लगातार अभ्यास करते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश और देश का प्रतिनिधित्व करें।
खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की नई पहल

अरुण साव ने अपने संबोधन में राज्य सरकार द्वारा खेलों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे लाने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य में बस्तर ओलंपिक जैसी अनूठी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसने दूर-दराज के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया। इसके अलावा खेल अलंकरण समारोह, उत्कृष्ट खिलाड़ी पुरस्कार और पहली बार आयोजित किए जा रहे सरगुजा ओलंपिक जैसी पहलें खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाने का कार्य कर रही हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में खेलों के विकास और अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए 100 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है। यह राशि नए खेल मैदान, प्रशिक्षण केंद्र, आधुनिक सुविधाओं और खिलाड़ियों के बेहतर प्रशिक्षण पर खर्च की जाएगी।
प्रदेश में जल्द होगी हॉकी लीग
उप मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार जल्द ही छत्तीसगढ़ में हॉकी लीग का आयोजन करने जा रही है। इससे प्रदेश के खिलाड़ियों को बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल प्रतियोगिताएं आयोजित करना नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के लिए ऐसा माहौल तैयार करना है, जहां वे बिना किसी संसाधन की कमी के अपने खेल पर पूरा ध्यान दे सकें।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में प्रदेश में खेल सुविधाओं का और अधिक विस्तार किया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकें।
प्रशिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका भी रही अहम
समारोह के दौरान खिलाड़ियों के साथ उनके प्रशिक्षकों और अभिभावकों का भी उत्साह देखने लायक था। खिलाड़ियों ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित अभ्यास, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग को दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे केवल उसकी प्रतिभा ही नहीं, बल्कि निरंतर अभ्यास, सही कोचिंग और परिवार का विश्वास भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सीएमए किकबॉक्सिंग एकेडमी की उपलब्धि इसी सामूहिक प्रयास का परिणाम मानी जा रही है।
कोरबा में खेल संस्कृति को मिलेगा नया आयाम
लगातार राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल कर रहे खिलाड़ियों ने यह संकेत दे दिया है कि कोरबा अब केवल औद्योगिक शहर ही नहीं, बल्कि खेल प्रतिभाओं का उभरता केंद्र भी बन रहा है। यदि इसी तरह खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलता रहा, तो आने वाले वर्षों में यहां से कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकल सकते हैं।
स्थानीय खेल प्रेमियों का मानना है कि इस तरह के सम्मान समारोह युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का कार्य करते हैं। जब मेहनत और उपलब्धि को सार्वजनिक रूप से सम्मान मिलता है, तो अन्य बच्चे भी खेलों की ओर आकर्षित होते हैं।

युवाओं के लिए प्रेरणा बनी यह उपलब्धि
राष्ट्रीय किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता में 32 पदक जीतना केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि छोटे शहरों के खिलाड़ी भी बड़े सपने देख सकते हैं और उन्हें पूरा कर सकते हैं। यह सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने लक्ष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
सरकार की नई खेल नीतियां, बढ़ता बजट, आधुनिक खेल अधोसंरचना और खिलाड़ियों को मिल रहा सम्मान निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ को खेलों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं।

