शिवरीनारायण चौपाटी में पुलिस का जनजागरूकता अभियान: साइबर ठगी, महिला सुरक्षा और NRI मामलों पर नागरिकों को किया जागरूक

जांजगीर-चांपा। डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराध, महिलाओं की सुरक्षा और अप्रवासी भारतीयों (NRI) से जुड़े मामलों को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जांजगीर-चांपा पुलिस ने शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के चौपाटी परिसर में एक व्यापक जनजागरूकता अभियान आयोजित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं, महिलाओं और व्यापारियों ने भाग लेकर पुलिस अधिकारियों से सीधे संवाद किया और सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

यह अभियान पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में सामुदायिक पुलिसिंग के तहत आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जानकारी देना नहीं था, बल्कि नागरिकों और पुलिस के बीच विश्वास, संवाद और सहभागिता को मजबूत करना भी था।


सामुदायिक पुलिसिंग के जरिए लोगों तक पहुंच रही पुलिस

बदलते समय के साथ अपराधों का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है। खासकर साइबर ठगी के मामलों में लगातार नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। ऐसे में पुलिस अब केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि अपराध होने से पहले लोगों को जागरूक कर उन्हें सुरक्षित रखने पर भी विशेष जोर दे रही है।

इसी सोच के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में नागरिकों को साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और अप्रवासी भारतीयों से जुड़े मामलों में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।


DSP सतरूपा तारम की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम में DSP (अजाक) सतरूपा तारम की विशेष उपस्थिति रही। वहीं PSI रितेश परमार, थाना शिवरीनारायण ने उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए सुरक्षा संबंधी विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी साझा की।

अधिकारियों ने लोगों से कहा कि पुलिस तभी प्रभावी ढंग से काम कर सकती है जब समाज भी उसकी भागीदारी निभाए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, ऑनलाइन ठगी, महिला उत्पीड़न या अन्य अपराध की जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंचाना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।


NRI मामलों में सतर्कता बरतने की अपील

कार्यक्रम के दौरान अप्रवासी भारतीयों (NRI) से जुड़े मामलों पर भी विशेष चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कई बार विदेशी नागरिकों या विदेश में रहने वाले भारतीयों के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी की घटनाएं सामने आती हैं।

नागरिकों से अपील की गई कि यदि उन्हें किसी अप्रवासी भारतीय से जुड़ी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले या किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो, तो वे बिना देर किए संबंधित टोल-फ्री हेल्पलाइन अथवा अपने नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि समय पर दी गई सूचना कई बार बड़े अपराधों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।


साइबर ठगी के बदलते तरीकों से किया आगाह

कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा साइबर अपराधों से बचाव को लेकर रहा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले अपराधी हर दिन नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं।

उन्होंने नागरिकों को समझाया कि किसी भी अज्ञात नंबर से आने वाले फोन कॉल पर व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति खुद को बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी, पुलिस अधिकारी या किसी प्रतिष्ठित कंपनी का प्रतिनिधि बताकर OTP, ATM नंबर, CVV, इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी मांगता है, तो उस पर बिल्कुल भरोसा न करें।

साथ ही मोबाइल पर आने वाले संदिग्ध लिंक, फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया पर भेजे गए आकर्षक ऑफर से भी सावधान रहने की सलाह दी गई।


महिला सुरक्षा को लेकर भी दिए महत्वपूर्ण सुझाव

अभियान के दौरान महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं से अपील की कि यदि वे किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, पीछा किए जाने, ऑनलाइन उत्पीड़न, ब्लैकमेलिंग या घरेलू हिंसा जैसी स्थिति का सामना करती हैं, तो बिना झिझक पुलिस से संपर्क करें।

उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की भी समान जिम्मेदारी है। सार्वजनिक स्थानों पर किसी महिला के साथ गलत व्यवहार दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना देना चाहिए।


युवाओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

कार्यक्रम में मौजूद युवाओं और विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई।

उन्हें बताया गया कि सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी, बैंकिंग विवरण, पहचान संबंधी दस्तावेज या लोकेशन अनावश्यक रूप से साझा करना जोखिम भरा हो सकता है।

इसके अलावा फर्जी प्रोफाइल, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, निवेश के नाम पर धोखाधड़ी, पार्ट-टाइम नौकरी के झांसे और डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर ठगी के नए तरीकों से भी युवाओं को सतर्क रहने की सलाह दी गई।


जागरूक नागरिक ही अपराध रोकने में निभा सकते हैं बड़ी भूमिका

पुलिस अधिकारियों ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने में आम नागरिकों की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।

यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे और समय पर पुलिस को जानकारी दे, तो कई अपराधों को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सकता है।

उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी सूचना की सत्यता की पुष्टि करने के बाद ही उसे आगे साझा करने की अपील भी की।


पुलिस और जनता के बीच बढ़ा संवाद

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित नागरिकों ने पुलिस अधिकारियों से विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने विस्तार से जवाब दिया।

लोगों ने इस प्रकार के जनजागरूकता अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से आम नागरिकों को कानून, सुरक्षा और साइबर अपराधों के बारे में सही जानकारी मिलती है, जिससे वे स्वयं और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।


सुरक्षित समाज की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

शिवरीनारायण चौपाटी में आयोजित यह जनजागरूकता अभियान केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक, सतर्क और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

डिजिटल युग में जहां साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं महिला सुरक्षा और सामाजिक सहयोग जैसे विषय भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में पुलिस और आम जनता के बीच लगातार संवाद और जागरूकता अभियान अपराध नियंत्रण की दिशा में प्रभावी कदम साबित हो सकते हैं।

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